इमरान (imran khan) ने अगर किसी दूसरे को सत्ता नहीं सौंपी तो उनका पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री बनना तय है। उनके लिए पाकिस्तान की सत्ता कांटों भरे ताज से कम नहीं होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि बिना किसी प्रशासनिक अनुभव के सीधा प्रधानमंत्री बनने जा रहे इमरान आतंकवाद, कश्मीर, घरेलू हिंसा, बलूचिस्तान, और घरेलू राजनैतिक आस्थिरता जैसे मुद्दों से कैसे पार पाते हैं। उनके सामने सेना और अदालत के बीच भी बैलेंस बनाकर चलने की चुनौती होगी। इन सबके लिए उनके पास कहीं न कहीं रोडमैप जरूर होगा। भले ही उनके पास प्रशासनिक अनुभव न हो, लेकिन लंबे राजनीतिक तजुर्बे के चलते इन राजनीतिक सवालों का उनके पास जवाब जरूर होगा। हालांकि एक मुसीबत ऐसी जरूर है, जो पाकिस्तान के सबसे सफल क्रिकेट कप्तान को गुगली की तरह चकमा जरूर दे सकती है। वह है पाकिस्तानी इकोनॉमी की खस्ताहालत। गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान जिन आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है, आते ही इमरान का सबसे पहले उन्हीं से सामना होगा। बाकी राजनैतिक मसलों की बारी तो बाद में आएगी। पर कैसे जूझेंगे इकोनॉमी की बाउंसर से...