हरदिल अजीज अटल बिहारी वाजपेयी की लोकप्रियता का एक कारण उनकी वाकपटुता और विनोदी स्वभाव भी था। संसद और जनसभाओं में उनके कहे "वन लाइनर" दशकों बाद भी लोगों के जेहन में हैं। ऐसे ही एक मौके पर जब उनसे पूछा गया कि भाजपा में ही दो दल (वाजपेयी और आडवाणी के धड़े) हैं तो उन्होंने तपाक से कहा-"मैं किसी दलदल में नहीं हूं। मैं औरों के दलदल में अपना कमल खिलाता हूं।" बेजोड़ वक्ता वाजपेयी ने राजनीतिक तंज भी बड़े ही मजेदार तरीके से किए। अक्सर में उन्हें कठिन सवालों में उलझाने की कोशिश होती थी, लेकिन वह चतुराई से दिए जवाब से सवाल की ही हवा निकाल देते थे। ये है सोनिया गांधी के साथ अटल जी की दुर्लभ तस्वीर तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संसद में उनकी सरकार को भ्रष्ट, निकम्मा और अक्षम बताया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि यह सारे शब्द सामने डिक्शनरी रखकर निकाले गए हैं। एक दफा लोजपा नेता रामविलास पासवान ने (तब कांग्रेस के सहयोगी दल) राम मंदिर के मुद्दे पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा राम के बारे में बातें करती है लेकिन उसमें राम नहीं है, जबकि वह मेरे नाम में...