आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार पिछले कुछ चुनावों से कांग्रेस का ग्राफ जिस तेजी से निरन्तर गिर रहा है, शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। जिस पर कांग्रेस ने कभी मन्थन नहीं किया, क्योकि कांग्रेस बुद्धिजीवी वर्ग ने भी इस ओर लेशमात्र भी चिन्तन करने का प्रयास नहीं किया। कांग्रेस केवल एक ही परिवार पर निर्भर रही और रहना भी चाहती है। कांग्रेस की इस डूबती नैया में यदि परिवार दोषी है तो बुद्धिजीवी वर्ग भी कम दोषी नहीं। प्रियंका वाड्रा को मैदान में उतार एक और गलती कर दी। जब राहुल गाँधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने की चर्चा चल रही थी, तब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था "जितनी जल्दी हो, राहुल गाँधी को अध्यक्ष बनाइए", जो आज चरितार्थ हो रहा है। राहुल गाँधी एक विशेष परिवार से है, कोई प्रधानमन्त्री नहीं, फिर कांग्रेस की अपनी पारम्परिक अमेठी के साथ-साथ केरल से चुनाव लड़ने के पीछे क्या रहस्य है? क्या अमेठी में कांग्रेस ने हार स्वीकार कर ली है? प्रधानमन्त्री उम्मीदवार को ही दो सीटों से चुनाव लड़ते देखा है, किसी पार्टी अध्यक्ष को नहीं। अन्य दल भाजपा को हराने के लिए...