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क्या अब सवर्ण आंदोलन के नाम पर हिंसा कराएगी कांग्रेस?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  भारत में आरक्षण को जारी रखने वाले राष्ट्र को बताएँ कि जातियों के नाम पर अपनी दुकान यानि पार्टी खोलकर कर अपनी ही जाति को भ्रमित कर अब तक इन नेताओं ने कितनी पूँजी अर्जित कर ली है? आरक्षण का दुरूपयोग होते देख, जब डॉ बी.आर. अम्बेडकर ने ही तत्कालीन सरकार से आरक्षण को समाप्त करने का आग्रह किया था, फिर किस कारणवश इसे जारी रखा गया? इतना ही नहीं, डॉ अम्बेडकर ने तो केवल 10 वर्ष माँगे थे, फिर किस कारणवश आज तक इसे लागू किया हुआ है? क्या आरक्षण के पक्षकारों को नहीं मालूम कि आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है? जाति और पेशे के नाम पर आरक्षण दिया जाता है, लेकिन इनको उस पेशे के नाम से पुकारा नहीं जा सकता, क्यों? अब इसे राजनीति का दोगलापन न कहा जाए तो क्या कहा जाए? किसी प्रतियोगिता में कम अंक लेने वाले अनुसूचित जाति वालों को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन सवर्ण जाति द्वारा अधिक अंक अर्जित करने वाले देखते रह जाते हैं, क्या यह प्रतियोगिता के नाम पर छलावा नहीं?आखिर कब तक जनता को गुमराह किया जाता रहेगा?  इस सन्दर्भ में अवलोकन करें:-- आरक्षण ख...

अंधकारमय होने को अलगाववादियों और इनके परिजनों का भविष्य

इस काम को क्या नाम दिया जाए? देशद्रोह या देशभक्ति? अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि कश्‍मीर आजादी के करीब है। सितम्बर ९ को गिलानी ने कहा कि आजादी की लड़ाई का वर्तमान चरण आजादी के लक्ष्‍य के काफी करीब ले गया है। अब आजादी नजरों के सामने हैं। उन्‍होंने मीडियाकर्मियों को लिखे खत में यह बात कही। गिलानी ने यह खत प्रेस कांफ्रेंस की अनुमति न मिलने के बाद जारी किया है। उन्‍होंने सुबह 11 बजे हैदरपुरा स्थित घर पर प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी लेकिन प्रशासन ने उनके घर की ओर जाने वाले रास्‍तों पर पाबंदी लगा दी। गिलानी ने लिखा कि ‘कमांडर बुरहान के शहीद’ होने के बाद से प्रत्‍येक गांव और कस्बे से यह संदेश आया है कि भारत और कश्‍मीर के बीच केवल किरायेदार और कब्‍जेदार का रिश्‍ता है। उसने अब्‍दुल्‍ला, मुफ्ती, लोन और ऐसे अनगिनत नामों के रूप में परदे बनाए। उन्‍होंने लिखा, ”हम हमेशा से कह रहे हैं कि ये सहयोगी भारत की कठपुतली मात्र हैं और आज यह साफ है कि उनका एकमात्र काम भारत के कब्‍जे को मजबूत करना और हमारे लोगों की हत्‍याओं व उन्‍हें अंधे करने पर सफाई देना भर है। उन्‍होंने मारने ...

मोदी की पाकिस्तान को लपेटने की तैयारी

कश्मीर पर अगस्त 12  को हुई सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि अब पाकिस्तान को पीओके और बलोचिस्तान में अत्याचार पर जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि भारत कानूनों का पालन करता है, इसलिए पाकिस्तान को इसे कमजोरी नहीं समझनी चाहिए। पीएम ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) जम्मू एवं कश्मीर का अभिन्न अंग है।  पहली बार बलोचिस्तान के मुद्दे पर पीएम ने कहा कि पीओके और बलोचिस्तान में अत्याचार पर अब पाकिस्तान को जवाब देना होगा। पीएम ने कहा कि पाकिस्तान अपने देश के नागरिकों पर भी बम बरसाता है। पीएम ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में माहौल खराब कर रहा है। उन्होंने कहा, 'कश्मीर में सामी पार आतंकवाद से भारी नुकसान हो रहा है। जम्मू-कश्मीर की घटना से मुझे गहरा दुख पहुंचा है। इस हिंसा से सबसे ज्यादा गरीब प्रभावित हुए हैं। कश्मीर हिंसा का हल शांति से निकलना चाहिए।' पीएम ने कहा कि हर कश्मीरी लोकतंत्र में भरोसा रखता है। पीएम मोदी ने कहा, 'हम खुले विचारे वाले हैं और हमारे दरवाजे खुले हैं।'

पाकिस्तान का काम आसान करती भारतीय मीडिया?

नाटक बनाने वाला जानता है कि आगे क्या होने वाला है, कांड करने वाला जानता है कि इस कांड की क्या प्रतिक्रिया होने वाली है, साजिश रचने वाला जानता है कि इस साजिश का क्या रिजल्ट निकलेगा। यही काम पाकिस्तान करता है और हम उसके हाथों का मोहरा बनकर पाकिस्तान का ही काम आसान कर देते हैं। हमारा मीडिया भी पाकिस्तान का काम आसान कर देता है। ऐसा नहीं है कि पूरा कश्मीर ही अलगाववाद और पाकिस्तान समर्थक है, कुछ मुट्ठीभर लोग ही ऐसा करते हैं, मान लीजिये पाकिस्तान ने अलगाववादियों को एक करोड़ रुपये देकर उनसे बोल दिया – यार दो चार लौंडों को खड़ा करके उनसे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवा दो और पाकिस्तान जिंदाबाद बुलवा दो। अब एक करोड़ रुपये कम तो होते नहीं, अलगाववादी एक करोड़ रुपये लेंगे, दो चार लौंडों को इकठ्ठा करेंगे, पाकिस्तान झंडा लेकर उन्हें खड़ा करवा देंगे और उनसे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवा देंगे, बाद में उन्हें पांच पांच सौ रुपये थामकर चलता कर देंगे। इस भीड़ में इन अलगाववादियों के बच्चे कहाँ है? कश्मीर की आबादी करीब ५० लाख है, अब केवल दो चार लौंडों के द्वारा पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के बा...

मोदी से पीओके ने मांगी मदद, कहा- हमें भारत के साथ रहना है

साल 2016 की शुरुआत के साथ ही भारत में जो देश विरोधी नारे सुनाई दिए थे, अब वैसा ही कुछ पाकिस्‍तान में घट रहा है। पाकिस्‍तान में आए दिन आजादी के नारे लग रहे हैं। ये नारे कोई और नहीं बल्कि पाकिस्‍तान की आवाम लगा रही है। पाकिस्‍तान के हर घर से ये आवाज निकल रही है कि “हमें चाहिए आजादी”। “हम ले के रहेंगे आजादी”। “पाकिस्‍तान तेरे टुकड़े होंगे इंशा अल्‍लाह-इंशा अल्‍लाह”। पीएम मोदी से मदद ये नारे पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर में लगाए जा रहे हैं। यहां पर इन दिनों पाकिस्‍तान को चार टुकडों में बांटने के नारे लगाए जा रहे हैं। इसको लेकर यहां नारा दिया गया है कि पाकिस्‍तान तेरे टुकड़े होंगे चार, बंद करो ये अत्‍याचार। दरअसल पाक अधिकृत कश्‍मीर के ज्‍यादातर लोग पाकिस्‍तानी हुकूमत से परेशान हैं। यहां पर चलने वाले आतंकियों के ट्रेनिंग कैंपों से दुखी हैं। पीओके की नीलम घाटी में लोगों ने नवाज शरीफ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यहां पाकिस्तान के नेताओं के पोस्टर पर कालिख लगाई जा रही है। एएनआई के मुताबिक पीओके में लोग पाकिस्तान की सरकार और हाल में यहां हुए चुनाव के नतीजों के खिलाफ भी हैं। यही ...

Conquering India by conversions

    Since Bharat has forgotten its ancient Sanskrit adage, “ Shathe shaathyam samaacharet ” (treat the wicked in his own wicked way), its tormentors are having a free run. Expansionist forces are waging a relentless war to demolish Hinduism and Hindu civilization the way they have already wiped out many native religions and cultures from Europe, Americas , Africa, Australia , New Zealand , numerous Islands and parts of Asia . On August 23, 2008, just before Krishna Ashtami , an important Hindu festival, 84 years old Swami Lakshmanananda Saraswati and four other Hindu sages were gunned down in Kanya Ashram in Kandhamal in Orissa. Their only crime was that they were resisting fraudulent conversions by foreign-funded Christian missionaries. At present, the worst problems faced by India are the demographic invasion by crores of Pak- Bangla infiltrators, and conversion of Hindus to Christianity through fraud and charade of charity by missionaries. ...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)