चंद्रबाबू नायडू की कुल संपत्ति 177 करोड़ से ज्यादा है आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार चुनावों में गरीबी का रोना रोकर कुर्सी पर विराजमान होने वाले नेताओं की तिजोरियाँ निरन्तर वृद्धि हो रही है और जनता उसी गरीबी में जी रही हैं। वेतनभोगी अपनी जवानी से वृद्ध अवस्था तक नौकरी करने उपरान्त (सरकारी कर्मचारियों को छोड़ कर) उतनी पेंशन नहीं लेता जो ये करोड़पति नेता प्राप्त करते हैं। इस बजट में जिस तरह सांसदों के वेतन में वृद्धि की गयी है, यदि इतनी प्राइवेट वेतनभोगियों को मिलनी शुरू हो जाये, पता नहीं कितने संस्थान ही बंद हो जाएंगे। हालाँकि एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने चुटकी भर आंकड़े दिए हैं। पूरी सूची जारी होने पर चौकाने वाले आंकड़े सामने आएँगे। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच (NEW) ने 31 मुख्यमंत्रियों का एनालिसिस जारी किया। इसमें 28 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। एनालिसिस चुनाव लड़ने से पहले मुख्यमंत्रियों की ओर से दायर एफिडेविट पर आधारित है। इसके मुताबिक, देश के 81% (25) मुख्यमंत्री करोड़पति हैं। इन...