पीएम मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर चल रहे धन्यवाद प्रस्ताव की बहस का जवाब दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के जवाब में अपने संबोधन में चुटीले अंदाज में विपक्ष पर हमला किया। उन्होंने संस्कृत श्लोकों का उपयोग करते हुए विरोधियों पर तंज कसे। मोदी ने चार्वाक के श्लोक का उद्धत करते हुए कहा, ”यवज्जीवेत्, सुखम् जीवेत। ऋणम् क्रित्वा, घृतम् पिबेत्।। भस्मिभूतस्य देहस्य, पुनार्गमनम् कुत:?” इसको समझाते हुए उन्होंने कहा, कुछ लोगों ने चार्वाक के वाक्य को जीवन का आधार मान लिया है। इस श्लोक का अर्थ है जब तक जियो, मौज करो। कर्ज लेकर भी घी पियो। मरने के बाद क्या है? https://www.facebook.com/iSupportNamo/videos/1492374730783608/ जब पीएम मोदी यह समझा रहे थे तो उस दौरान सदन में मौजूद सांसद हंसने लगे। तभी आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान भी खड़े हो गए। मान पर चुटकी लेते हुए पीएम मोदी बोले कि उस समय घी ही हुआ करते थे लेकिन अगर भगवंत मान होते तो कुछ और पीते। इस पर खूब ठहाके लगे। मान भी इस दौरान कुछ बोले ...