आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार नौकरशाहों का तबादला, भ्रष्टाचार रोधी शाखा पर नियंत्रण और मुख्य सचिव पर हमला जैसे विषयों को लेकर आम आदमी पार्टी नीत दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (एलजी) कार्यालय के बीच तकरार रही है। जून 4 को सुप्रीम कोर्ट ने दोनों के अधिकारों को लेकर फैसला सुनाया। इस दौरान कोर्ट ने दोनों के अधिकारों को साफ कर दिया है। उपराज्यपाल भूमि, पुलिस और कानून एवं व्यवस्था के अलावा सभी क्षेत्रों में मंत्री परिषद से सलाह और सहायता के लिए बाध्य हैं। उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच पिछले साढ़े तीन साल के दौरान ये बड़े मुद्दे रहे हैं: भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) का मुद्दा: सत्ता में आने के तीन महीने बाद आप सरकार ने मई 2015 में कहा कि एसीबी का नियंत्रण उपराज्यपाल (तत्कालीन) नजीब जंग को दे दिए जाने के चलते वह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर पा रही है। आप सरकार ने आरोप लगाया कि ऐसा पूर्ववर्ती शीला दीक्षित (कांग्रेस) नीत शासन के दौरान नहीं था। इसने कहा कि केंद्र ने 2014 में दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगे रहने के दौरान एक अधिसूचना जारी कर एसीबी का नियंत्रण उपरा...