इन मोहतरमा को तो सब जानते ही है, जानते भी कैसे न होगे भला, इनका काम ही है ड्रामा करके trp बटोरना l खैर फिर भी एक बार और बताते है कि ये मोहतरमा है तृप्ति देसाईl इनका सिर्फ और सिर्फ एकसूत्रीय कार्यक्रम है वो है कुछ ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करना जिनसे कि इन्हें ढंग की मीडिया कवरेज मिल जाए और ये चारित्रिक रूप से लिबरल भी कहलाती रहे l कुल मिला के अगर आप इनका आंकलन करोगे तो वही गुण इनमे उसी शुद्धता के साथ देख सकते हो जो गुण एक कांग्रेसी और वामपंथी के अन्दर कूट कूटकर भरे होते है l अब मैडम के पास कुछ करने को था नही तो इन्होने सोचा कि क्यों न कुछ बबाल ही खड़ा किया जाए और ये निकल पड़ी शनि मंदिर पर हंगामा करने क्योकि इन्हें ये ज्ञात था कि मीडिया कवरेज तो इस मुद्दे पर मिलना तय है हीl वो इसलिए क्योकि भारत ऐसा देश है जहाँ ऐसे मुद्दे पर ताली पीटने वाले बहुत से मिल जायेगे और साथ ही मुद्दे पर “कुतर्क” भी जबर करेगे और अगर कोई साथ न आएगा तो कांग्रेस का साथ तो है ही और फिर वामपंथी लौबी का समर्थन तो मिलना तय ही है l हाँ तो तृप्ति जी तैयार हो गयी झंडा बुलंद करके और लोगो को बताया कि अरे ये तो घनघोर ...