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सोशल मीडिया ने फैसले को बताया अधूरा, नाबालिग दरिंदे को भी फांसी की मांग

निर्भया गैंग रेप मामले में आज(5 मई) सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा है। इसके तहत मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को फांसी दी जाएगी। चारों ने 13 मार्च, 2014 को उच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराये जाने और सुनाई गयी मौत की सजा के खिलाफ SC में अपील की थी। इन चारों के अलावा दो और दोषी थे। जिसमें से एक (राम सिंह) ने सुसाइड कर लिया था और दूसरा नाबालिग था। जिसको जिवेनाइल एक्ट के तहत छोड़ दिया गया था। आपको बता दें कि साल 2012 में 16 दिसंबर की रात को 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में जघन्य तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसे उसके एक दोस्त के साथ बस से बाहर फेंक दिया गया था। उसी साल 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में लड़की की मौत हो गयी थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के आते ही सोशल मीडिया पर भी #Nirbhaya ट्रेंड करने लगा। सभी ने दोषियों की मिली मौत की सजा पर ख़ुशी जाहिर की है। इस फैसले पर लोगों ने ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की है।  अवलोकन करें:-- http://nigamrajendra28.blogspot.in/2017/05/b...

निर्भया के गुप्तांग में लोहे की रॉड डालने वाले अफरोज खान को फांसी क्यों नहीं?

निर्भया कांड का दोषी रिहाई बाद अब इंदौर में चाय-पकौड़े बेच रहा है। आ रही खबरों के मुताबिक उसकी सुरक्षा को देखते हुए यह नहीं बताया कि वह इंदौर में किस जगह है। नाबालिग(अब बालिग) अपने घर पर भी जाने से बच रहा है। जानकारी के अनुसार निर्भया सामूहिक दुष्कर्म कांड में शामिल नाबालिग को बाल सुधार गृह से रिहाई मिल गई। उसे 3 साल की सजा सुनाई गई थी। लेकिन उसकी सुरक्षा को देखते हुए रिहाई की तारीख से 3 दिन पहले ही सुधार गृह से निकालकर मुखर्जी नगर स्थित NGO के आश्रम में रखा गया। सजा के दौरान ही वह बालिग हो गया था। इस आश्रम में उसकी 2 महीने तक काउंसलिंग की गई। काउंसलर ने बताया कि इस दौरान वह बेहद शांत और गंभीर रहा। उसे अपने किए पर पछतावा भी था और दुख भी। इस दौरान उसने खाना बनाने का भी प्रशिक्षण लिया। दो महीने बाद उसकी मनोदशा जब सामान्य हुई तो उसे घर जाने दिया गया। सूत्रों के अनुसार वह दिल्ली से सीधे MP अपने रिश्तेदार के पास चला गया। वहीं पर एक नए नाम के साथ अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है। उसकी सुरक्षा को देखते हुए परिजन मध्य प्रदेश जाकर अपने बेटे से मिलते हैं। वही...

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shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)