Skip to main content

Posts

Showing posts with the label indian economy

मोदी जी अब देश को बचाने की जरुरत है !

नई सरकार जब सत्ता में आती है तो उसकी नीतियां सबसे पहले चुनावी घोषणा पत्र में और सरकार बनने के बाद संसद में दिखती है। आर्थिक नीति की घोषणा आम तौर पर पहले बजट में होती है। हमने कई सरकारों को आते जाते देखा है। किसी की नीति दक्षिणपंथी विचारधार पर आधारित होती है, किसी की वामपंथी, तो कोई यथास्थिति या बीच का रास्ता अपनाती है। मौजूदा मोदी सरकार पहली सरकार है, जिसे या तो अपनी नीतियों का पता नहीं है या जानबूझ लोगों को भ्रमित करने वाली घोषणाएं करती है। मौजूदा भाजपा सरकार कई दलों का गठबंधन है, लेकिन उसे लोक सभा में बहुमत हासिल है। भाजपा एक दक्षिणपंथी पार्टी है। जनसंघ ने स्वतंत्र पार्टी (जो एक पूंजीवादी पार्टी थी) के साथ 1967 में गठबंधन किया था।कहने का तात्पर्य यह है कि भाजपा की आम नीति सबको मालूम है। 2014 में जब पार्टी सत्ता में आई तो व्यापारियों के बीच उत्साह का माहौल था। लेकिन पिछले 4 सालों में जो हुआ, वो अभी भी रहस्य बना हुआ है।सरकार ने व्यापार के लिए कुछ भी नहीं किया। सरकार ने मेक इन इंडिया, आर्थिक तरक्की, रोज़गार की बड़ी-बड़ी बातें की थी, लेकिन...

‘नोटबंदी और जीएसटी’ की मार से अर्थव्‍यवस्‍था की चाल हुई धीमी

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच ने अप्रैल 27 को भारत की दीर्घकालिक विदेशी मुद्रा जारीकर्ता डिफाल्ट रेटिंग (आईडीआर) को बीबीबी- (माइनस) कर दिया है, जबकि दृष्टिकोण को स्थिर रखा है. फिच ने देश को बीबीबी – रेटिंग 11 साल पहले दी थी. रेटिंग एजेंसी फिच ने अनुमान लगाया है कि वित्तीय साल 2018-19 में देश की जीडीपी का रेट 7.3 फीसदी रहेगी, जबकि वित्तवर्ष 2019-20 में यह बढ़कर 7.5 फीसदी हो जाएगी. रेटिंग एजेंसी ने मौजूदा अर्थव्यवस्था की रफ्तार में आई गिरावट की मुख्य वजह नवंबर 2016 में नोटबंदी और जुलाई 2017 में लागू जीएसटी को बताया है. अगले वित्तवर्ष जीडीपी रेट में कुछ सुधार होने का अनुमान जताया है. बता दें कि फिच ने देश को बीबीबी – रेटिंग 11 साल पहले दी थी. बता दें कि फिच ने यह कदम तब उठाया है, जबकि मूडीज ने 14 साल बाद देश की रेटिंग को बेहतर किया है. हालांकि, एसएंडपी ने भी भारत की स्वायत्त रेटिंग को बरकरार रखा था. कारोबार में सुधार पर अब कठिनाइयां अभी भी फिच ने कहा है कि भारत की स्वायत्त साख को इस दर्जे में इस लिए रखा गया है , क्योंकि एक तरफ जहां देश की मध्यकालिक आर्थिक वृद्धि का परिदृश्य मजबूत है औ...

2019 में दोबारा PM नहीं बने नरेंद्र मोदी तो भारत को होंगे ये 5 बड़े नुकसान

2014 में बीजेपी की ओर से  पीएम चुनकर आए नरेंद्र मोदी  दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं. टाइम्स ने उन्हें मोस्ट पावरफुल नेताओं की सूची में भी शामिल किया था. लेकिन, अब उनके दोबारा पीएम बनने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. वह 2019 में होने वाले आम चुनाव में  दोबारा पीएम चुने जाएंगे  या नहीं, ये तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा. लेकिन, उनके पीएम न बनने से देश को क्या नुकसान होंगे इसका अंदाजा लग गया है. दुनिया के बड़े ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए (CLSA) के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि मोदी के दोबारा  पीएम नहीं बनने से भारत को 5 बड़े नुकसान  होंगे ग्रोथ को लगेगा झटका साल 2019 में देश में आम चुनाव होने हैं. 2014 की तर्ज पर ही  बीजेपी के प्रमुख चेहरा नरेंद्र मोदी  होंगे. लेकिन, क्या वो फिर से पीएम बनेंगे? ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड का कहना है कि नरेंद्र मोदी अगर फिर से चुनकर नहीं आते हैं तो भारत की ग्रोथ को बड़ा धक्का झटका लगेगा. क्रिस्टोफर वुड ने अपने विकली नोट ग्रीड एंड फीयर में कहा है कि अगर प्र...

नोटबंदी ने ‘महामंदी’ से बचाया

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  क्या विडंबना है कि जो काम आपकी योजना में भी था, लेकिन करने का साहस नहीं कर पाए और जब वही काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर दिया, नवम्बर 8 को कांग्रेस पार्टी देश में नोटबंदी की सालगिरह पर काला दिवस मना रही है, कांग्रेस का आरोप है कि नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी कर भारत के लोगों पर अत्याचार किया था, 100 से अधिक लोग शहीद हो गए थे, मोदी इन सभी लोगों के हत्यारे है, देश को मोदी ने बर्बाद कर दिया, लोगों को लाइन में लगाकर मार डाला। अगर कांग्रेस का यही सेम लॉजिक 1947 पर लगाया जाये तो कांग्रेस के हिसाब से ही गांधी तथा नेहरू 30 लाख से अधिक भारतीयों के क़त्ल के जिम्मेदार है, गांधी नेहरू के कारण 30 लाख भारतीय शहीद हो गए, जिनको आज तक कांग्रेस ने श्रद्धांजलि नहीं दी, और 30 लाख भारतीयों के हत्यारे नेहरू को भारत रत्न और मोहनदास गांधी को तथाकथित राष्ट्रपिता बता दिया गया, जैसे भारत का निर्माण गांधी ने किया (5000 साल से अधिक का तो इतिहास भारत का मौजूद है) कांग्रेस कहती है कि मोदी ने नोटबंदी से पहले तैयारी नहीं की, फैसला मोदी ने जल्दबाजी में लिया,  इसी हिसा...

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)