आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए उपराज्यपाल ने बेशक रिपोर्ट तैयार करवाई है, लेकिन मुख्यमंत्री इससे सहमत नहीं है। जुलाई 29 को एक सम्मेलन के दौरान केजरीवाल ने सीसीटीवी कैमरे लगाने से जुड़ी उपराज्यपाल की रिपोर्ट फाड़कर फेंकने पर राहुल गाँधी की उस हरकत को जीवित कर दिया, जब वह तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के एक अध्यादेश को फाड़ देते हैं। इस तरह की हरकतें किसी गम्भीर राजनीति अथवा किसी भी नेता को शोभा नहीं देता। इस तरह के काम नहीं, बल्कि छिछोड़ापन केवल तानाशाह प्रवत्ति के ही लोग कर सकते हैं। जो सार्वजनिक रूप से किसी भी सम्मानित व्यक्ति को अपमानित कर दे, वास्तव मे ऐसे लोगों को राजनीती से कोसों मील दूर कर देना चाहिए। क्योंकि ऐसे लोग बैठकर शान्ति से किसी समस्या का समाधान करने की बजाये अपनी मनमानी करने में ही यकीन करते हैं, ऐसे लोगों की निगाह में संविधान अथवा कानून की कोई कीमत नहीं। जब कोई मुख्यमंत्री किसी उपराज्यपाल/राज्यपाल के प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से फाड़ने का साहस कर सकता है, फिर उस मुख्यमंत्री को राज्यपाल/उपराज्यपाल से अ...