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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र

विषय, कश्मीर मै जवानों को मारने का वीडियो के बारे मै । क्या भारत सरकार जवानों को ऐसी ट्रेनिंग देती है या यह नतीजा है राजनीतिक  सांठ गांठ का ??? बहुत शर्म आती है यह विडियो देख कर, कहाँ है हमारे देश का प्रधानमंत्री, जो पाकिस्तान में घुस कर मारने के बातें करता था, क्यों नहीं जवानों को आर्डर देता के अगर कोई उन पर हाथ उठता है तो उसका हाथ साथ में लेकर आओ ताकि दूसरों को भारत सरकार के रुख का पता चले और आगे करने से डरे | क्या हमारे भाई वहां पीटने के लिए गए हैं या कानून व्यवस्था सुधारने के लिए गए हैं ?? https://www.facebook.com/490959514398923/videos/754257301402475/ लातों के भूत बातों से नहीं मानते, ऐसी क्या राजनीतिक मजबूरी है केंद्र सरकार की, जो एक्शन नहीं ले पा रही ?? शायद इसी कारण जवानों की सहूलियत और तनख्वा कम है क्यों की सरकार तो उनको पीटने के लिए भारती करती है, और पीटने के तो ज्यादा पैसे नहीं मिलेंगे | यह जो गो इंडिया गो के नारे लगा रहे थे इनको पकड़ कर चौराहे पर लटका दो, ताकि फिर कोई ऐसा बोलने से घबराये | आँखे खोलो प्रधान मंत्री महोदय तथा जम्मू और कश्मीर में शान्त...

देश को निशाना बनाने वाले पत्रकारों को महंगा पड़ा गंभीर पर सवाल उठाना

अभी कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें जम्मू-कश्मीर के नौजवान चुनावी ड्यूटी से लौटते हुए सेना के जवानों के साथ बदसलूकी करते हुए नजर आते है। जिसमें जवानों को लात मारी जाती है, उनकी पीठ पर हाथ से धक्के मारे जाते हैं। जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और जिसकी हर किसी ने निंदा की थी। जिसे देखकर हर भारतीय का खून खौल जाए। सेना ने लिया बदला? वहीं, उमर अब्दुल्ला ने कुछ तस्वीरें और वीडियो ट्विटर पर शेयर किए हैं। विडियो और तस्वीरों में दिख रहा है कि आर्मी जीप के बोनट पर एक कश्मीरी युवक को बांधा गया है। उमर ने इन तस्वीरों के साथ लिखा- इस युवक को आर्मी जीप पर इसलिये बांधा गया है ताकि उन पर पत्थर न फेंके जाएं। यह बहुत खौफनाक है!!!! अगले ट्वीट के साथ उन्होंने 15 सेकंड की एक विडियो क्लिप शेयर करते हुए लिखा, ‘इसका विडियो भी है। इसमें एक चेतावनी सुनी जा सकती है कि पत्थरबाजों का यह अंजाम होगा। इस मामले में तुरंत जांच होनी चाहिए।’ वीडियो में दिख रहा है कि आर्मी की जीप के बोनट पर एक आदमी को बांधा गया है। इसी जीप से लाउडस्पीकर पर चेतावनी दी जा रही है- ‘…ऐसा हाल होगा कश्मीर वालों का...

क्या भारत सरकार में पत्थरबाजों पर ट्रम्प की तरह हमला करने का साहस है?

ISIS भी जिहाद करता है और कश्मीर में पत्थरबाज भी जिहाद कर रहे हैं, अमेरिका ISIS के जिहादियों को ढूंढ ढूंढ कर मार रहा है, कल पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान बॉर्डर के पास नंगरहार में डोनाल्ड ट्रम्प की सेना से सबसे बड़ा बम गिराकर एक साथ ISIS ठिकाने को तहस नहस कर दिया, ISIS के 7000 आतंकी एक सुरंग में छुपे हुए थे, वहीँ पर उन्हें ट्रेनिंग दी जाती थी और वहीँ से ये आतंकी अफ़ग़ानिस्तान और भारत में हमला करने के लिए भेजे जाते थे लेकिन US ARMY ने कल डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश के बाद वहां पर सबसे बड़ा बम जिसे MOAB या मदर ऑफ़ आल बम कहा जाता है, गिरा दिया, करीब 10 हजार किलोग्राम के इस बम ने डेढ़ किलोमीटर में सब कुछ तहस नहस कर दिया और वहां पर 300 मीटर गड्ढा बना दिया. अब भारत के सामने भी एक बड़ा सवाल है, आखिर पत्थरबाजों को हम कब तक सहते रहेंगे, क्या कश्मीर को सीरिया बनने का इन्तजार किया जा रहा है, ये पत्थरबाज जिहादी भारतीय सैनिकों को थप्पड़ मार मार कर भाग रहे हैं, जब CRPF जवान अपने रास्ते पर चल रहे होते हैं तो ये पत्थरबाज जिहादी उन्हें लात मारकर भागते हैं, एक VIDEO ने पूरे देश का खून गर्म कर दिया है, जिसमें CRPF जवान के ...

विमुद्रीकरण से आज की परेशानी से ईमानदार नागरिकों को फूलों की सेज़ मिलेगी -- कमल जीत

  गत दिसम्बर 23 को स्वदेशी जागरण मंच झंडेवालान विभाग की चर्खे वालान, चावड़ी बाजार, दिल्ली में कमल जीत, दिल्ली एवं हरियाणा प्रांत संगठक, की अध्यक्षता में नोट बंदी पर  एक गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमे यशवंत सिंह चौहान, विभाग संयोजक, अशोक तंवर सिंह, पूर्व अध्यक्ष दिल्ली केंट, एवं रमेश नम्बरदार, सुनील बंसल, ज़िला संयोजक करोल बाग़, आदि के अतिरिक्त सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया . इस गोष्ठी का संचालन करते क्षेत्रीय संघर्षवाहिनी प्रमुख  पवन शर्मा ने केन्द्रीय सरकार द्धारा नोटबंदी के दूरगामी परिणामों से अवगत करवाया . पवन ने आगे  कहा कि देश में पनपे भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करने के लिए हमें प्रधानमन्त्री मोदी के कैशलेस नीति को अपनाना चाहिए .पेटीएम या इ-बैंकिंग या फिर आधारकार्ड के माध्यम से किए जाने वाले भुगतान में कोई भ्रष्टाचारी  और अन्य अर्थव्यवस्था विरोधी व्यवथान उत्पन्न नहीं कर पाएगा . हमारा कर्तव्य है कि प्रधानमंत्री के इस कदम को मजबूत करें न की कमजोर .यदि यह कदम कमजोर पड़ा, इससे होने वाले दुष्परिणाम जनता को ही भुगतने होंगे . इस गोष्ठी में सीताराम बाजार भा...

मोदी की केरल में भरी हुंकार से सहमा पाकिस्तान

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। उरी हमले ने दोनों देशों के बीच संबंधों को झकझोर दिया है। संबंधों की डोर टूटने वाली है। 18 जवानों की शहादत से पूरा देश गुस्से में है। पाकिस्तान के आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की आवाज देश के हर कोने से उठ रही है। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उरी हमले के बाद अपने पहले भाषण में पाकिस्तान के खिलाफ जो हुंकार भरी उसका असर इस्लामाबाद में दिख रहा है। जहां से पाकिस्तानी सरकार की नीतियां बनती हैं।प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, पाकिस्तान की राजधानी में भारतीय प्रधानमंत्री की दहाड़ से खलबली मची हुई है। उस खलबली का असर भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त के बयानों पर दिख रहा है। कश्मीर पर अपना हक जताने वाला पाकिस्तान भारतीय प्रधानमंत्री की ललकार से डर गया है। अब कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान अपने कदम वापस खींच रहा है। मुस्लिम तुष्टिकरण नहीं वास्तविक धर्म-निरपेक्षता से डरा पाकिस्तान   यदि प्राप्त समाचार सत्य है तो यह भारत में पल रहे पाकिस्तान परस्त भारतीय नेताओं एवं मोदी विरोधियों के लिए शोक की खबर से कम नहीं। कोई मोदी के...

Nawaz sings the same old song of Kashmir at the UN

The cat is out of the bag as the Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif, like his predecessors, harps the same old song of Kashmir. Z.A. Bhutto and his daughter Benazir used to say that "Pakistan will fight for 1000 times with India over Kashmir." So, what Nawaz says is nothing new. Strongly raising the Kashmir issue at the United Nations General Assembly, Pakistan on September 21  accused India of being in “illegal occupation” of Jammu and Kashmir, and demanded a plebiscite and an independent inquiry into the deaths in the current unrest. Extending his support to the “struggle of Kashmiri people”, Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif said that peace and normalcy cannot be achieved between India and Pakistan without resolving the Kashmir issue. “The UN Security Council has called for the exercise of the right to self-determination by the people of Jammu and Kashmir through a free and fair plebiscite held under UN auspices,” Sharif said during the general debate of the...

पाकिस्तान के हाथ खेलते अलगाववादी नहीं चाहते कश्मीर में शान्ति

बहुत पुरानी कहावत है ‘धोबी का कुत्‍ता ना घर का ना घाट का’। दरअसल, कश्‍मीर के अलगाववादी नेताओं की वजह से  आठ जुलाई से घाटी सुलग रही है। हिंसा का दौर लगातार जारी है। वजह एक आतंकी का एनकाउंटर है। इस एनकाउंटर पर हिंदुस्‍तान का कोई भी देशभक्‍त नागरिक सवाल नहीं खड़े कर सकता। सिवाए अलगाववादी नेताओं को छोड़कर। दरअसल, घाटी में जो कुछ भी चल रहा है उन सबके पीछे यहां के अलगाववादी नेताओं का ही हाथ है। उन्‍हें पाकिस्‍तान से पूरी शह मिली हुई है। बाकायदा कश्‍मीर में हिंसा भड़काने के लिए पाकिस्‍तान कश्‍मीर में पैसा भेज रहा है। देश की जांच एजेंसियां इन सबकी जांच कर रही हैं। उन्‍हें बहुत सारे सबूत भी मिले हैं। बस कार्रवाई के लिए माकूल वक्‍त का इंतजार है। दरअसल, शायद देश के इतिहास में ये पहला मौका होगा जब केंद्र या राज्‍य की सरकार किसी भी अलगाववादी नेता को पूछ तक नहीं रही है। मोदी सरकार में कश्‍मीर के अलगाववादी नेताओं को दूध की मक्‍खी की तरह निकालकर फेंक दिया गया है। नहीं तो इससे पहले जितनी भी सरकार केंद्र में रही हों या फिर जम्‍मू-कश्‍मीर की सत्‍ता में रही हो, सबसे घाटी के इन अलगाववादी नेताओ...

अलगाववादियों के बुरे दिन शुरू, कश्मीर के अच्छे दिनों का आगाज

जम्‍मू कश्मीर में आजादी के नाम पर युवाओं को गलत रास्‍ते पर ले जाने वाले अलगाववादी नेताओं को अब मोदी सरकार ने सबक सिखाने की ठान ली है। मोदी सरकार ने अलगाववादियों की सभी सुविधाएं बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। कश्मीर में अलगाववादियों पर कार्रवाई मोदी सरकार ने अलगाववादी नेताओं को अब हवाई टिकट, कश्‍मीर से बाहर जाने पर होटल और वाहन की सुविधाएं देने पर पाबंदी भी लगाने की तैयारी में है। पीएम मोदी ने केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाएं बंद करने का निर्णय ले लिया है जबकि रियासत सरकार से मिलने वाली सुविधाओं को बंद करने के लिए केंद्र ने सलाह भी दी है। अलगाववादियों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को वापस लेने का फैसला रियासत सरकार को लेना है। वर्तमान में इन लोगों की सुरक्षा में 950 पुलिसकर्मी तैनात हैं। रियासत सरकार के सूत्रों के मुताबिक अलगाववादियों पर हो रहे खर्च का कुछ हिस्सा केंद्र उठाता रहा है। वहीं अब मोदी सरकार इसे जारी रखने के पक्ष में नहीं है। रियासत सरकार कुल खर्च का लगभग दस प्रतिशत उठाती है। आपको बता दें कि अलगाववादियों और कुछ आतंकी संगठनों में भी कई मुद्दों पर मतभेद ह...

आतंकवादियों को आधुनिक हथियार और वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले देशो का बहिष्कार हो

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने अगस्त 27  को एक फेसबुक पोस्ट में पूछा है कि कश्मीरी  उग्रवादियों के पास आधुनिक हथियार कहां से आते हैं?  क्या वो आसमान से बरसते हैं? इससे पहले अगस्त 26  को जस्टिस काटजू ने एक अन्य पोस्ट में कहा था कि जो लोग सोचते हैं कि कश्मीर समस्या का राजनीतिक समाधान संभव है वो भ्रम में हैं। जस्टिज काटजू मानते हैं कि कश्मीर समस्या के पीछे चीन का हाथ है। जस्टिस काटजू ने शुक्रवार को भी कश्मीर मसले पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी राय रखी थी। जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि जो लोग सोचते हैं कि कश्मीर समस्या का हल राजनीतिक बातचीत से संभव है वो मूर्खों की जन्नत में जी रहे हैं। उन्हें जमीनी हकीकत नहीं पता है। कश्मीरी उग्रवादी अत्याधुनिक हथियारों और सामग्री का प्रयोग करते हैं। ये अत्याधुनिक हथियार और सामग्री कहां से आती है? ऐसे अत्याधुनिक हथियार आसमान से नहीं टपकते। जाहिर है कुछ बाहरी ताकतें इनकी आपूर्ति करती हैं और उग्रवादियों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देती हैं। जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में कहा है कि कश्मीर में आजा...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)