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अयोध्या विवाद: संतों ने कहा SC/ST एक्ट की तरह राम मंदिर के लिए भी कानून बनाए सरकार

आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार  अयोध्या  में  राम मंदिर निर्माण   के मुद्दे को लेकर संतों ने एक बार फिर से नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा है। संतों का कहना है कि जब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भाजपा सरकार एससी/एसटी एक्ट के लिए बिल ला रही है तो अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए कानून क्यों नहीं बना सकती।  श्री  रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास  ने कहा की भाजपा सरकार जब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को नकार कर बिल ला सकती है, तो अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए बिल क्यों नहीं ला सकती?  उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राम के नाम पर सत्ता में गई है और अब राम को भूल गई है ।  उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझ कर मामले को टालने की कोशिश में लगी हुई है। राम भक्त इसे स्वीकार नहीं करेंगे।  आचार्य ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है। भाजपा अभी से चेत जाए।  अवलोकन करें:-- NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM OBC आयोग को मिला संवैधानिक दर्जा थावरचंद गहलोत राष्ट्रीय पि...

संतों की बड़ी चेतावनी: संसद के मानसून सत्र में ये मुद्दे नहीं उठाए गए तो संत निकालेंगे पदयात्रा

जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य संतों ने केंद्र सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में हिंदू हितों से जुड़े गंगा, गाय और राममंदिर जैसे मुद्दों पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। निरंजनी अखाड़े में हुई संत समाज की बैठक में एकमत होकर निर्णय लिया कि मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने अगर गाय, गंगा और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो हरिद्वार के संत दिल्ली तक पदयात्रा निकालकर सरकार को जगाने का काम करेंगे। मायापुर में श्री निरंजनी अखाड़े में हुई बैठक में  जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य ने कहा कि संत समाज को एकजुट होकर हिंदू समाज के हितों के लिए आगे आना होगा। केंद्र सरकार को गंगा, गाय व मंदिर निर्माण को लेकर मानसून सत्र में ठोस निर्णय लेना चाहिए। केंद्र सरकार ठोस कानून बनाकर हिंदुओं की आस्था का सम्मान करते हुए मंदिर निर्माण की अड़चनों को दूर करे। गो संरक्षण के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने होंगे। साथ ही आम नागरिक को भी गो संवर्द्धन व रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करना होगा। उन्होंने कहा कि गोमुख से लेकर गंगा सागर तक गंगा में स...

राज्यसभा में लाचार है बीजेपी

आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार  1 6 प्रदेशों में राज्यसभा के लिए  हुए चुनावों में बीजेपी ने जबर्दस्त कामयाबी हासिल की, लेकिन इस सदन में अब भी वो बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं कर पाई। मतलब ये कि भले ही लोकसभा में बीजेपी के पास भारी बहुमत है, राज्यसभा में अब भी उसे कोई बिल पास करवाने के लिए दूसरी पार्टियों के भरोसे ही रहना पड़ेगा। मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव में जो वादे किए थे उनमें से कई इसी कारण अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं। बहुमत के लिए 123 सदस्य होना जरूरी है। ताजा नतीजों के बाद अब बीजेपी के 86 सांसद हो गए हैं, जबकि एनडीए को मिला लें तो 104 सांसद हुए। यानी अब भी बहुमत से करीब 20 पीछे। दूसरी तरफ कांग्रेस के सांसदों की संख्या 38 हो गई है, जबकि उसके सहयोगियों को मिलाकर 56 हुए। बाकी अन्य पार्टियों के सांसद हैं। 2019 से पहले बहुमत के चांस नहीं यह साफ है कि मौजूदा लोकसभा के कार्यकाल में बीजेपी को राज्यसभा में बहुमत नहीं मिलेगा। इसके लिए उसे एक बार फिर 2019 के लोकसभा चुनावों में अच्छे बहुमत से जीतना जरूरी होगा। साथ ही इस साल और अगले साल में होने व...

भावनात्मक दलीलें नहीं चलेंगी -- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 8 को राम मंदिर विवाद की सुनवाई की। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली तीन सदस्यों की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि मामले में भावनात्मक एवं राजनीतिक दलीलें नहीं सुनी जाएंगी।  सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में अब तक 5024 कलाकृतियां,  504 दस्तावेज, रामायण एवं गीता सहित 20 पुस्तकें सौंपी जा चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च मुकर्रर की है। शीर्ष न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को इस दौरान दस्तावेजों का अनुवाद कराने के आदेश दिया है।   सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राम मंदिर विवाद की सुनवाई की। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली तीन सदस्यों की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि मामले में भावनात्मक एवं राजनीतिक दलीलें नहीं सुनी जाएंगी।  सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में अब तक 5024 कलाकृतियां,  504 दस्तावेज, रामायण एवं गीता सहित 20 पुस्तकें सौंपी जा चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च मुकर्रर की है। शीर्ष न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को इस दौरान दस्तावेजों का अनुवाद क...

राम मंदिर का विरोध करने वाले मुस्लिम पाकिस्तान चले जाएं--वसीम रिजवी, शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन

आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार   उत्तर प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले मुस्लिमों को 'पाकिस्तान या बांग्लादेश' चले जाना चाहिए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद पर आठ फरवरी से सुनवाई करने वाला है। रिजवी ने फरवरी 2 को अयोध्या में विवादित जमीन के पास नमाज़ पढ़ी और राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास से मुलाकात की।  इस मौके पर उन्होंने कहा कि जो लोग अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर बनाने का विरोध कर रहे हैं और बाबरी मस्जिद चाहते हैं... ऐसे कट्टर मानसिकता वाले लोगों को पाकिस्तान या बांग्लादेश चले जाना चाहिए।ऐसे मुसलमानों के लिए भारत में कोई जगह नहीं है। रिजवी ने बताया कि मस्जिद के नाम पर जो जिहाद फैलाना चाहते हैं उन्हें जरूर चले जाना चाहिए और आईएसआईएस प्रमुख अबू बकर अल बगदादी के गुट में शामिल होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी मुस्लिम मौलवी देश को तोड़ना चाहते हैं और उन्हें पाकिस्तान और अफगानिस्तान चले जाना चाहिए। ...

Ayodhya and the end of Negationism

Great fb friend Astara Chandra  Here is just one example from the 19th century, written by Mirza Jan, the author of a historical work known as Hadiquah-I-Shuhada that appeared in 1856: “…wherever they found magnificent temples of the Hindus….the Muslim rulers in India built mosques, monasteries, and inns, appointed mu’assins, teachers and store-stewards, spread Islam vigorously, and vanquished the Kafirs. Likewise they cleared up Faizabad and Avadh (Ayodhya), too from the filth of reprobation (infidelity), because it was a great center of worship and capital of Rama’s father. Where they stood a great temple of (Ramajanmasthan), there they built a big mosque…what a lofty mosque was built there by king Babar!” Some of the old sources used by Mirza Jan have yet to be unearthed, but one which he quotes from a Persian work known as Sahifah-I-Chihal Nasa’ib Bahadurshahi written in 1707 by a grand-daughter of the Moghur emperor Aurangazeb is particularly interesting. The ...

Ramjanmbhoomi : THE EVIDENCE

There are ample of evidences, favouring the existence of Ramjanmabhoomi perhaps the honouring Supreme Court or any other court will spare so much of time to view them all. This is main reason the disputed Babri structures claimants are trying to hide themselves and trying to fire the peace by making the innocents as sacrificing goats. They and their political god-fathers are poisoning the minds of general muslim  that Hindus are trying to misuse the power, which is not good signal. On so many occasions they lag behind because they are aware of the facts that on the bases of facts we are on the loosing side, but show of strengths on roads in the form of riots, we can have some share, otherwise our financers will not spare us. So, in the interest of my valued blog-readers in India and abroad, without any editing, producing hereunder an interesting article carrying the photos of pillars, broken murties found in the excavation from the mandir site. Hence the article:-  The di...

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shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)