आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली का लाजपत नगर मार्केट वैसे तो सरोजिनी नगर मार्केट के बाद सबसे बड़ा बाजार है। लेकिन यहां के व्यापारियों में अलग तरह की बेचैनी है। कारोबारी मनजीत सिंह कोहली कहते हैं- पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी और अब सीलिंग से कारोबारियों की कमर ही टूट गई। सैंकड़ों दुकानें सील हो गईं। इससे सिर्फ दुकान या शोरूम मालिक ही नहीं, बल्कि इनसे जुड़े परिवारों की आजीविका छिन गई। गलती अफसरों की है और भुगतना हमें पड़ रहा है। लाजपत नगर में सीलिंग के विरुद्ध प्रदर्शन करती महिलाएँ उनका मत है कि अब तक जितनी भी दुकानें या शोरूम सील हो चुके हैं अथवा होने हैं, अगर वह अवैध थे, तो नगर निगम, पुलिस और दिल्ली प्रशासन ने खुलने क्यों दी? उस समय कहाँ सो रहा था कानून? जिस समय ये ये सब दुकाने एवं शोरूम खुले थे, तब के अधिकारियों पर क्यों नहीं कार्यवाही की जाती? किसी भी पार्टी के किसी भी नेता ने उनके विरुद्ध अब तक एक शब्द नहीं बोला, क्यों? क्यों उनकी आड़ में नेता भी क्या रिश्वत खा रहे थे? पुरानी दिल्ली जो कुछ वर्ष पूर्व तक रिहाशी था, आज गली-मौहल्ले में होटल,...