रेलवे, इंफ्रास्टक्चर बेहतर करने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के कई दावे समय-समय पर करता रहता है। लेकिन हकीकत ये है कि रेलवे का सबसे महत्वपूर्ण जोन उत्तर रेलवे अपनी आधी रेलगाड़ियां भी बड़ी मुश्किल से समय से चला पा रहा है । ये खुलासा अगस्त 3 को रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात की ओर से रेलवे के पांच जोनों के सीपीटीएम और पीसीओएम की बैठक के दौरान हुआ । रेल मंत्रालय की ओर से सभी जोनों में मंडल रेल प्रबंधक और सीनियर डीओएम स्तर के अधिकारियों को रेलगाड़ियों को समय से चलाने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं । यह उस वक़्त हाल है, जब कहीं भी बैठे आप इंटरनेट के माध्यम से किसी भी गाड़ी के समय-सारिणी के विषय में जानकारी ले सकते हैं। लेकिन रेलवे अधिकारी किसी पैसेंजर तो क्या किसी सुपर फ़ास्ट ट्रेन को निर्धारित समय पर चलाने में पूर्णरूप से सक्षम नहीं। केन्द्र सरकार जनता को बुलेट ट्रेन की लॉलीपॉप दे रही है। सरकार रेलवे से पहले गाड़ियों को समय से चलाने को कहे, फिर जनता को बुलेट ट्रेन के सपने दिखाए। अवलोकन करें:-- · ...