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दिल्ली में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर नाराज सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- क्या अधिकारी सो रहे हैं?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  दिल्ली में सीलिंग पर जुलाई 18 को सुप्रीम कोर्ट ने और सख्ती दिखाई। कोर्ट ने कहा कि सीलिंग रुकनी नहीं चाहिए। साथ ही आदेश दिया कि बिल्डिंग बाईलॉज को अनदेखा कर अवैध निर्माण करने वाले सभी बिल्डर, कांट्रेक्टर और आर्किटेक्ट ब्लैक लिस्ट किए जाएं।  इस  बाबत दो सप्ताह में नियम बनाए जाएं। जस्टिस एमबी लोकुर की बेंच ने कहा कि अवैध निर्माण करने वालों को सिर्फ 48 घंटे का नोटिस दिया जाए। जवाब नहीं मिले तो तुरंत कार्रवाई करें। अवैध निर्माण ढहाना है तो ढहा दें और सील करना है तो सील कर दें। नजफगढ़ वार्ड कमेटी के चेयरमैन को कोर्ट ने पेश होने का आदेश दिया नगर निगम ने कोर्ट को बताया कि नजफगढ़ में अवैध निर्माण ढहाने गए दस्ते को नजफगढ़ वार्ड कमेटी के चेयरमैन मुकेश सुर्यन ने काम नहीं करने दिया। इस पर कोर्ट ने सुर्यन को अगली सुनवाई पर पेश होने का आदेश जारी कर दिया। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि सीलिंग करने वाले अधिकारियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल भेजा जाए। क्या इस क्षेत्र में कभी कार्यवाही हो सकती है? कूड़े घर के पास होटल खोलने  की इजाजत...

'क्या तबाही का कर रहे हैं इंतजार?'-- सीलिंग पर सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली में चल रही सीलिंग  को लेकर फरवरी 5 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने  दिल्ली सीलिंग  पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पूरी दिल्ली में अवैध निर्माण हो रहा है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार और नगर निगम से कहा कि आप लोग दिल्ली में तबाही का इंतजार कर रहे है।  इसमें कोई दो राय नहीं कि प्रशासन किसी अनहोनी घटना के घटित होने उपरान्त कुछ दिनों बाद ही फाइलों को ठंठे बस्ते में डाल देती है। जहाँ तक अवैध निर्माण की बात है, जितना अधिक अवैध निर्माण पुरानी दिल्ली की चार दीवारी में हो रहा है, शायद ही चार दीवारी से बाहर हो रहा हो। लेकिन प्रशासन केवल चार दीवारी के बाहर कार्यवाही कर कानून को धोखा दे रहे हैं। पुरानी दिल्ली में कई स्थानों पर देखा जा सकता है कि पुराने मकानों में आगे निकली बालकनी(छज्जा) को मकान में सम्मिलित कर होटल अथवा दुकान बना ली गयी है। आखिर कौन है इसका ज़िम्मेदार?  हर कोई अपनी आंखें मूंदे है कोर्ट ने दिल्ली के स्थानीय निकाय को अपनी आंखे मूंदने और कोई हादसा होने का इंतजार करने के लिए आड़े हाथ लिया और दिल्ली विकास प्राधि...

दिल्ली में 50 साल पुरानी मस्जिद ढहाई, दरगाह पर भी खतरा

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा 50 साल पुरानी मस्जिद ढहाने के बाद अब 100 साल पुरानी दरगाह पर भी खतरा मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है। डीडीए के इस कदम के कारण कठपुतली कालोनी में तनाव लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। हजरत सईद भूरे शाह पीर दरगाह पर मंडराते खतरे के कारण तनाव चरम पर पहुंच चुका है। इसके अलावा कुछ लोगों को इस बात का भी डर सता रहा है कि कहीं उस इलाके में मौजूद मंदिरों के साथ भी ऐसा ना किया जाए। कठपुतली कालोनी स्थित मदीना मस्जिद को महज 15 मिनटों में ढहा दिया गया, जिस पर वहां पिछले 32 सालों से काम कर रहे इमाम हाफिज जहीर साहब का कहना है, ‘जब वहां रह रहे लोगों को स्थानांतरित करने में समय है तो मस्जिद को ढहाने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई?’ स्थानीय निवासियों का कहना है कि कालोनी के करीब 5 हजार लोग मस्जिद जाते हैं, उन्हें परिसर को खाली करने के लिए बहुत ही कम समय दिया। जल्दबाजी में केवल एक नीली अलमारी और पवित्र कुरान को ही सुरक्षित किया जा सका। मस्जिद के ढहने के बाद पांडव नगर स्थित 100 साल पुरानी दरगाह को ढहाए जाने की बात सुनकर लोगों को काफी हैरानी हो रही है। दरगाह के ...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)