क्या आपने कभी अंदाजा लगाया है कि एक भारतीय सैनिक की जिन्दगी कैसी होती है, क्या आपने कभी सोचा है कि जवानों के परिवार का गुजारा कैसे होता है, क्या अपने कभी सोचा है कि परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा में अपनी जान न्योछावर करने के लिए तैयार रहने वालों को दिन कैसे गुजरता है, अगर नहीं तो यह चिट्ठी पढ़ लीजिये, यह खुला ख़त एक भारतीय सिपाही ने लिखा है जिसमें उसने अपने दिल का दर्द बयां किया है। यह खुला ख़त सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, आप भी पढ़िए ख़त में क्या लिखा है – सिपाही का कहना है कि ‘हम भी अपने घर पर रहकर और घर के पास ही नौकरी करके अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर सकते हैं, हम भी अपनी आजीविका अच्छे से चला सकते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं करते हैं और देश की सेवा में लगे रहते हैं। सिपाही ने बताया कि ‘वह 10 वर्ष से पैरामिलिट्री फोर्स में कार्यरत है और पिछले 4 साल से कश्मीर में तैनात है, इसी, उसे सैलरी के तौर पर करीब 28,000 रुपये मिलते हैं, अधिक छुट्टी करने पर सैलरी भी कट जाती है जिसके बाद उसे केवल 22,500 रुपये मिलते हैं। उसका परिवार किराये के मकान में रहता है, जिसके लिये वह हर महीने उन्हें...