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AMU को धमकी :नहीं मानी बात तो केंद्र सरकार से मिलने वाला फण्ड रोक दिया जायेगा

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में दलित आरक्षण को लेकर छिड़ी बहस में अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया भी कूद पड़े हैं। उन्होंने एएमयू को धमकी देते हुए कहा है कि यदि वह साढ़े 22 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने की आयोग की सिफारिश का अनुपालन नहीं करता है तो वह इस संस्थान को मिलने वाली सरकारी मदद रुकवा देंगे। कठेरिया ने एएमयू के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के बाद कहा कि अगर एएमयू को अल्पसंख्यक संस्थान साबित करने के आयोग के लिखित सवाल का एक महीने के अंदर समुचित जवाब नहीं देते हैं, तो वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से एएमयू को मिलने वाले सभी अनुदान रोकने को कहेंगे। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि आयोग ने अब फैसला किया है कि वह एएमयू के अल्पसंख्यक संस्थान के दावे के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट में लम्बित केस में पक्षकार बनेगा। मोदी सरकार ने एक हलफनामा दाखिल कर एएमयू के दावे को निरस्त कर दिया है। यूपीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे के दावे का समर्थन किया था। इस बीच, एएमयू के अधिकारियों ने आयोग के अध...

कश्मीर में तैनात एक सिपाही का खुला खत हुआ वायरल

क्या आपने कभी अंदाजा लगाया है कि एक भारतीय सैनिक की जिन्दगी कैसी होती है, क्या आपने कभी सोचा है कि जवानों के परिवार का गुजारा कैसे होता है, क्या अपने कभी सोचा है कि परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा में अपनी जान न्योछावर करने के लिए तैयार रहने वालों को दिन कैसे गुजरता है, अगर नहीं तो यह चिट्ठी पढ़ लीजिये, यह खुला ख़त एक भारतीय सिपाही ने लिखा है जिसमें उसने अपने दिल का दर्द बयां किया है। यह खुला ख़त सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, आप भी पढ़िए ख़त में क्या लिखा है – सिपाही का कहना है कि ‘हम भी अपने घर पर रहकर और घर के पास ही नौकरी करके अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर सकते हैं, हम भी अपनी आजीविका अच्छे से चला सकते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं करते हैं और देश की सेवा में लगे रहते हैं। सिपाही ने बताया कि ‘वह 10 वर्ष से पैरामिलिट्री फोर्स में कार्यरत है और पिछले 4 साल से कश्मीर में तैनात है, इसी, उसे सैलरी के तौर पर करीब 28,000 रुपये मिलते हैं, अधिक छुट्टी करने पर सैलरी भी कट जाती है जिसके बाद उसे केवल 22,500 रुपये मिलते हैं। उसका परिवार किराये के मकान में रहता है, जिसके लिये वह हर महीने उन्हें...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)