Skip to main content

Posts

Showing posts with the label arun jaitley

नोटों में मिले पेट की बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया

आपकी जेब में रखा नोट आपको बीमार बना सकता है। नोट टीबी, अल्जस, पेट की बीमारी जैसे रोग दे सकता है। यह बात कितना सही है?  यह सवाल छोटे व्यापारियों के देशव्यापी संगठन  'कैट'  ने वित्त मंत्री  अरुण जेटली  से पूछा है। 'कैट'  एक रिसर्च रिपोर्ट का हवाला देते हुए इस बात की जांच करने की मांग की है। कैट का कहना है कि ऐसे दावों की जांच कराकर सही तस्वीर सामने लाई जानी चाहिए। यदि दावे सही हैं तो बीमारियों से बचाव के उपाय किए जाने चाहिए।  नोटों से फैलने वाली बिमारियों से का समाधान कब होगा या कब नहीं, प्रश्न यह है कि आखिर जनता बिमारियों से बचने के लिए क्या करे? फल-सब्ज़ियाँ केमिकल से पक रही हैं, दूध, घी, मक्खन, गेहूँ, दालें और मसाले आदि सब में मिलावट, आखिर जनता क्या करे और कहाँ जाए? इन गम्भीर समस्याओं पर उपभोक्ता मंत्रालय को आगे आना चाहिए, लेकिन इस मंत्रालय को कोई चिन्ता नहीं।   रिपोर्ट में क्या है ? रिपोर्ट्स के मुताबिक करेंसी नोट हजारों लोगों के हाथों से होकर गुजरते हैं। इनमें गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग भी शामिल हैं। इस तरह करेंसी हजारों प्रकार क...

NRC: अरुण जेटली ने ब्लॉग लिख विपक्ष को घेरा, ममता बनर्जी और कांग्रेस को याद दिलाया पुराना स्टैंड

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर मचे घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग लिखकर विरोधियों पर निशाना साधा है। जेटली ने इस ब्लॉग को  'राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर- संप्रभुता बनाम वोट बैंक'  नाम के शीर्षक से प्रकाशित किया है। जेटली ने ब्लॉग में लिखा है, 'क्षेत्र और नागरिक एक संप्रभु राज्य के दो सबसे महत्वपूर्ण पहलू हैं। किसी भी सरकार का मुख्य कर्तव्य देश की सीमाओं की रक्षा करना, किसी भी अतिक्रमण को रोकना और अपने नागरिकों के जीवन को सुरक्षित बनाना है। जम्मू-कश्मीर में संप्रभुता की रक्षा के लिए स्वतंत्र भारत को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है।' उन्होंने लिखा, 'स्वतंत्रता और भारत के विभाजन के समय असम पाकिस्तान के लिए भी एक गंभीर मुद्दा था। पाकिस्तान ने इस तथ्य से नाराजगी व्यक्त की कि कश्मीर की तरह असम स्वतंत्र भारत का हिस्सा बन गया है।' इस संबंध में जेटली ने जुल्फीकार अली भुट्टो की किताब 'मिथ ऑफ इंडिपेंडेंस' का जिक्र किया है, जिसमें लिखा है, 'यह गलत होगा कि कश्मीर ही एकमात्र मुद्दा है जो भारत और पा...

एनपीए पर मोदी के आरोप पर कांग्रेस चुप क्यों है?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  कांग्रेस पार्टी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाना चाहिए। उन्हें संसद में पूछना चाहिए कि ऐसा कौन सा “टैक्स” था जिसका पैसा सरकार के खाते में नहीं जाता था? लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का सबसे महत्वपूर्ण अंश यह था जब उन्होंने बताया कि जब तक कांग्रेस सत्ता में थी तब तक बैंकों को लूटने का खेल चलता रहा। उन्होंने कहा कि आजादी के 60 साल के बाद बैंकों ने कुल 18 लाख करोड़ रुपए लोन के रूप में दिए थे, लेकिन 2008 से 2014 के बीच मात्र 6 साल में यह रकम 18 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 52 लाख करोड़ रुपए हो गई। पीएम ने पूछा कि 6 साल में यह रकम कैसे दोगुनी (34 लाख करोड़ रुपए) हो गई? प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व में इंटरनेट बैंकिंग आने के पहले ही भारत में फोन बैंकिंग शुरू हो गई थी। इन 6 साल में कांग्रेस ने अपने चहेते लोगों के लिए बैंकों का खजाना लुटा दिया। उसका क्या तरीका था? कागज वगैरह कुछ देखना नहीं था, केवल टेलीफोन आता था कि लोन दे दो। लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन दे दो उसके बाद कोई ...

जेटली से माफी मांग राजनीति से संन्यास ले ले केजरीवाल -- योगेंद्र यादव

आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार   दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल आजकल माफ़ी मांगो राजनीति कर रहे हैं जिसके तहत वो अपने बयानों और आरोपों पर लोगों से माफ़ी मांगते फिर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने जहाँ पहले अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया पर लगाए गये ड्रग तस्करी के आरोप के बाद उनसे लिखित माफ़ी माग ली थी वहीँ अब केजरीवाल ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल व उनके बेटे अमित सिब्बल से भी माफी मांग ली है. लेकिन केजरीवाल को देखकर ऐसा लग रहा है कि माफ़ी मांगने का ये दौर अभी थमने वाला नहीं है. लोग तो अब ये उम्मीद लगा कर बैठे हुए हैं कि केजरीवाल अरुण जेटली से कब माफ़ी मांगते हैं. दरअसल जेटली ने केजरीवाल पर 10 करोड़ रुपए का मुकदमा किया है. केजरीवाल मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और हरियाणा के नेता अवतार सिंह भड़ाना से माफी मांग चुके हैं. वहीं अब उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कह रहे हैं कि वे किसी अहम (इगो) में रुचि नहीं रखते हैं. कानूनी पचड़े में समय नहीं खराब करना चाहते, बल्कि लोगों की सेवा करना चाहते हैं. विधानसभा परिसर में...

मानहानि केस: जेटली को नहीं मंजूर केजरीवाल की माफी!

आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आजकल ‘माफी मोड’ में चल रहे हैं। वो हर उस शख्स से माफी मांग रहे हैं, जिनके खिलाफ उन्होंने सार्वजनिक तौर पर गंभीर से गंभीर इल्जाम लगाए और आगे बढ़ चले। इस कड़ी में अरविंद केजरीवाल पंजाब के पूर्व मंत्री और अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, बीजेपी नेता नितिन गडकरी और कांग्रेस नेता सिब्बल से माफी मांग चुके हैं।  अब चर्चा ये है कि क्या वो केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी माफीनामा भेजेंगे? हालांकि, अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि क्या केजरीवाल ने अरुण जेटली को कोई पत्र भेजा या नहीं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के वकील इस केस से जुड़े अरुण जेटली के वकीलों से संपर्क में हैं।  इस बीच आजतक को सूत्रों से ये जानकारी भी मिली है कि अरुण जेटली केजरीवाल के माफीनामे को कबूल नहीं करेंगे। इस मसले पर आम आदमी पार्टी नेता अल्का लांबा ने आजतक से बातचीत में कहा कि अरविंद केजरीवाल की माफी से दिल्ली संतुष्ट है। उन्होंने कहा, ‘सीएम की सोच थी कि माफी...

अपनी वकील बेटी को बचाने के लिए पीएनबी घोटाले पर चुप रहे, राहुल गाँधी का अरुण जेतली पर आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष  राहुल गांधी  ने मार्च 12 को वित्त मंत्री  अरुण जेटली  पर पीएनबी स्कैम को लेकर बड़ा आरोप लगाया। राहुल ने कहा कि पीएनबी फ्रॉड में जेटली की चुप्पी का मकसद सिर्फ अपनी बेटी को बचाना था, जिनके पास मेहुल चौकसी की गीतांजलि जेम्स की रिटेनरशिप थी। बता दें कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पीएनबी बैंक के 12,672 करोड़ रूपए के फ्रॉड केस में आरोपी हैं। जांच एजेंसिया अब तक इन दोनों के कई ठिकानों पर छापे मारकर करोड़ों की संपत्ति जब्त कर चुकी है। ट्वीट में राहुल ने क्या कहा? ‘राहुल ने ट्वीट में कहा, “अब ये सामने आ चुका है कि हमारे वित्त मंत्री पीएनबी स्कैम पर इसलिए चुप थे, क्योंकि उन्हें अपनी वकील बेटी को बचाना था, जिन्हें बैंक घोटाले के आरोपियों ने फ्रॉड खुलने से एक महीने पहले ही बड़ी रकम चुकाई थी।” ट्वीट में राहुल ने सवाल पूछते हुए लिखा, “जब आरोपियों की लॉ फर्म्स में सीबीआई ने छापेमारी की तो फिर जेटली की बेटी की फर्म पर क्यों छापा नहीं पड़ा।” क्या है पीएनबी घोटाला? पीएनबी ने पिछले महीने सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,421 करोड़ रुपए के घोटाले के जा...

आंध्र प्रदेश के लिए बजट में कुछ न मिलने पर खुश हुए राहुल

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  एनडीए में शामिल आंध्र प्रदेश की सत्ता में काबिज तेलगू देशम पार्टी वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट से प्रदेश को कुछ नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री चन्द्र बाबू नायडू नाराज बताये जा रहे हैं।आम बजट में आंध्र प्रदेश के लिए कोई बड़ा एलान वित्त मंत्री ने नहीं किया है। इसी को लेकर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने फरवरी 2  को कैबिनेट मंत्रियों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की। बात इस कदर बिगड़ी है कि टीडीपी के सांसदों ने आंध्र के हितों के लिए इस्तीफ़ा तक देने की बात कही है. आगे गठबंधन पर फैसला टीडीपी चीफ (नायडू) लेंगे। रविवार(फरवरी 4 ) को चंद्रबाबू नायडू की सांसदों के साथ मीटिंग होने वाली है। टीडीपी एनडीए का हिस्सा है। राज्य में भी बीजेपी और टीडीपी साथ हैं। आंध्र प्रदेश में अब तक न जाने कितने मुख्यमंत्री आए, लेकिन आंध्र प्रदेश को ऊँचाइयों पर पहुँचाने में जो योगदान चन्द्रबाबू नायडू का शायद ही इतिहास उनका नाम अनदेखा कर पाए। अगर जो भी ऐसा करता है, वह चन्द्रबाबू के साथ नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के साथ अन्याय होगा। आईटी सेक्टर में आंध्र प्रदेश को स्थापित कर...

आम बजट में रेलवे को मिले 1.48 लाख Cr; चौथे साल भी नहीं बढ़ा किराया

आज जनता इस बात से कितनी खुश हो रही है, कि सरकार ने बजट में रेल किराया नहीं बढ़ाया। खुश होना भी चाहिए कि कम से कम एक साल तो रेल किराये में वृद्धि से राहत मिली। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब चुनाव आने को होते हर सरकार जहर का घूंट पीकर वृद्धि को रोकती है और आम चुनाव सम्पन्न होते ही, वृद्धि शुरू। इसी सरकार का देख लीजिए, इस सरकार के पहले रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने अपने पहले ही बजट में रेल किराया बढ़ाया था या नहीं। और इसी सरकार के कार्यकाल में कितनी बार किराए में वृद्धि हुई है, पूछिए रेल मंत्रीजी से। 2019 चुनाव के बाद आने वाले बजट में देखिए कितनी वृद्धि होती है, यह भविष्य के गर्भ में छिपा है। फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने रेलवे सेक्‍टर के लिए लोकलुभावन बजट की घोषणा नहीं की। हालांकि उन्‍होंने बजट में किराया बढ़ाने की घोषणा न करके पैसेंजर्स को राहत जरूर दी है, लेकिन बजट रेलवे के पॉलिसी ओरिएंटेड रहा। जेटली ने रेलवे को 1.48 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की है। एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि जेटली ने रेलवे की जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए महत्‍वपूर्ण घोषणाएं की हैं। जैसा कि, अनुमान लगाया जा रहा था कि य...

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)