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मैंने गिरवाया बाबरी ढांचा, फांसी पर चढ़ाना है तो चढ़ा दो : राम विलास वेदांती

राम मंदिर मामले में एक बड़ी खबर आयी है, विश्व हिन्दू परिषद् के नेता और पूर्व बीजेपी सांसद राम विलास वेदांती ने दावा किया है कि बाबरी ढांचा गिराने के आदेश उन्होंने दिया था और इसमें अशोक सिंघल और महंत अवैद्यनाथ भी शामिल थे, हम तीनों से ही बाबरी ढांचा गिरवाया है, मैं अपने बयान पर कायम हूँ और इस बयान से कभी नहीं पलटूंगा भले ही सुप्रीम कोर्ट उन्हें फांसी पर चढ़ा दे, वे राम मंदिर बनाने के लिए कोई भी सजा झेलने के लिए तैयार है।  स्मरण हो, उस समय बालासाहेब ठाकरे ने भी कहा था कि "ढांचे को शिव सैनिकों ने गिरा है, हिम्मत है तो गिरफ्तार करो मुझे।"    उन्होंने कहा कि लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती जैसे नेताओं को CBI झूठे केस में फंसाना चाहती है, CBI झूठ बोल रही है, असलियत उसे मालूम ही नहीं है, मैं खुद कबूल कर रहा हूँ कि बाबरी ढांचा उन्होंने कारसेवकों से बोलकर गिरवाया था, उन्होंने और अशोक सिंघल ने खुद ये आदेश दिया था तो आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी पर आपराधिक साजिश रचने का मामला क्यों चलाया जा रहा है।  उन्होंने CBI पर बरसते हुए कहा कि CBI झूठ बोल रही है और सुप्...

'यूपी मेरा माई-बाप है, मैं गोद लिया इसका बेटा हूं' -- मोदी

यूपी चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सियासी जुमलों की बौछार जारी है। हरदोई की सभा में  प्रधानमंत्री मोदी ने नया जुमला उछाला। बोले कि यूपी मेरा माई-बाप है, मै गोद लिया इसका बेटा हूं। 2014 में मैं हरदोई आया था, तब यहां इससे एक चौथाई लोग भी नहीं थे। आज ऐसा लग रहा है क‌ि केसरिया समंदर है। दो चरण के मतदान में ही दिख गया कि यूपी में भाजपा का घोड़ा तेजी से दौड़ रहा है।  मोदी ने इस दौरान सपा-बसपा पर चुन-चुनकर निशाना साधा।  थाने बन गए सपा के दफ्तर मोदी ने यूपी में थानों के समाजवादी सरकार के प्रभाव में होने की बात कही। कहा कि थाने मानो सपा के कार्यालय हो गए हों। यहां पुलिस वाले कोई केस बनाने और कार्रवाई से पहले कार्यकर्ताओं से पूछते हैं। मोदी ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई छेड़ रखी है। क्या ये लुटेरे मुझे जीने देंगे क्या? कहा, मैं इनसे डरने वाला नहीं हूं। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने गरीबी को जिया है। हम गरीबों का ध्यान रखकर काम करते हैं। एलईडी बल्ब कोई मोदी ने आकर नहीं खोजा। उन्होंने कहा, मैंने एलईडी का दाम सस्ता करवा दिया। लुटेरे इसमें लूट मचा रहे थे। ...

सुनियोजित तरीके से सौंपी गयी अखिलेश के हाथ कमांड

समाजवादी पार्टी में चुनाव चिन्ह साईकिल को लेकर शुरू हुई घमासान को फिलहाल विराम लग गया है । चुनाव आयोग के फैसले के अनुसार समाजवादी पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह साईकिल पर अब अखिलेश खेमे का अधिकार होगा वहीँ टीम मुलायम को अब पार्टी का नया नाम और चुनाव चिन्ह तय करना होगा । समाजवादी पार्टी में जिस तरह से एक के बाद एक घटनाक्रम जारी रहा उससे कहीं न कहीं पिता पुत्र के बीच नूरा कुश्ती सी दिखाई दे रही है । सारे मामले का आंकलन किया जाए तो ऐसा प्रतीत होता है कि शायद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को पहले से भनक थी कि वे चुनाव चिन्ह पर दावे के लिए जो प्रक्रिया अपना रहे हैं वह बेहद कमज़ोर है और चुनाव चिन्ह और पार्टी का नाम उनके पुत्र अखिलेश यादव को मिल जाएगा । चुनाव आयोग के समक्ष जो चीजें रखी गयीं उन पर सिर्फ तीन लोगों मुलायम, शिवपाल और अमर सिंह के बीच ही चर्चा हुई जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायको, एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्षो, पंचायत सदस्यो की एक बैठक बुलाकर उसमे चुनाव आयोग के समक्ष पेश किये जाने वाले दावे पर आम राय बनाने के बाद सभी के हस्ताक्षर कराये जाने चाहिए थे ।  एक हलफनामा मुलायम की...

अखिलेश के नेतृत्व में ही लड़ेगी समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी में मचा घमासान अब थमने की कगार पर पहुँच चुका है. हालात बता रहे हैं कि पारिवारिक विवाद बहुत जल्दी खत्म हो जायेगा और अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी की कमान पूरी तरह से सौंप दी जायेगी. समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी. बताया जाता है कि चुनाव आयोग में समाजवादी पार्टी का ‘साइकिल’ सिंबल फंसता देखकर मुलायम सिंह यादव और शिवपाल बैकफुट पर आ गये हैं. दरअसल चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी के दोनों धड़ों से हलफनामा माँगा है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज अपने लखनऊ आवास पर अपने समर्थक विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में विधायकों ने अखिलेश यादव को हलफनामा सौंप दिया है. समाजवादी पार्टी के 220 विधायकों और 60 विधान परिषद सदस्यों ने अखिलेश यादव को हलफनामा सौंपा है. जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव की बुलाई बैठक में हलफनामा पहले से तैयार था. बैठक में पहुंचे विधायकों को सिर्फ हलफनामे पर दस्तखत करने थे. इस हलफनामे पर विधायकों के दस्तखत की ज़रुरत इसलिए पड़ी थी क्योंकि चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी के दोनों गुटों से हलफनामा देने को कहा है. च...

क्या शहीद रामभक्तों की हाय समाजवादी पार्टी को खा रही है?

समाजवादी पार्टी में सुलह के प्रयास लगभग समाप्त हो चुके हैं । आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के बीच तीन घंटे तक चली बातचीत बेनतीजा ख़त्म हो गयी । वहीँ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल “अखिलेश कोई समझौता करने को तैयार नही हैं । उन्होंने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से साफ़ कर दिया कि अब अकेले चुनाव लड़ने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है।” सूत्रों ने बताया कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अपने फैसले पर फिर से सोचने और दोबारा मीटिंग करने को कहा है। वहीँ चुनाव आयोग से आज मिले सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि अब कोई समझौता नही होने जा रहा, हम अखिलेश के नेत्रत्व में चुनाव लड़ेंगे । सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आज़म खान सुलह के जिस फॉर्मूले को लेकर आज दिल्ली पहुंचे वह सपा सुप्रीमो से नहीं मिल सकते लेकिन उन्होंने फोन पर सपा सुप्रीमो को अपना फॉर्मूला सुझाया जिसे मुलायम सिंह यादव ने ख़ारिज कर दिया। अब लगभग तय माना जा रहा है कि दोनो गुट अलग अलग होकर चुनाव लड़ेंगे लेकिन अभी भी निगाहें चुनाव आयोग के फैसले पर...

मुलायम सिंह और अखिलेश लड़ाई मात्र मीडिया से भाजपा को दूर रखना

सलाहकार का मेल लीक, अखिलेश की छवि के लिए झगड़ा प्लांट — पिछले कुछ दिन से समाजवादी पार्टी में चल रहे पारिवारिक घमासान के बीच एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसे जानकर लोग हैरान रह जाएंगे। समाजवादी पार्टी की आंतरिक रणनीति से जुड़े एक ई-मेल के लीक होने से अब कहा जा रहा है कि सपा में ये झगड़ा केवल अखिलेश यादव की इमेज को चमकाने का शिगूफा है। ये लीक मेल जुलाई महीने का है। खबर अनुसार अखिलेश के अमेरिकी सलाहकार स्टीव जार्डिंग के एक मेल के लीक होने से ये खुलासा हुआ है। जार्डिंग द्वारा भेजे गये ई मेल में लिखा है कि यूपी में अखिलेश यादव को विकास का आइकॉन बनाने के लिए पार्टी में अदरूनी लड़ाई दिखाना जरूरी है। उन्होंने मेल में लिखा है कि अखिलेश की छवि बेहतर उभर कर आएगी और मजबूत सीएम के तौर पर जाने जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों खबर आई थी कि समाजवादी पार्टी और सीएम अखिलेश सरकार की सकारात्मक छवि दिखाने के लिए अमेरिकन पीआर एजेंसी भी हायर करने व और भारत की भी कुछ पीआर एजेंसी ब्रांडिंग और इमेज बिल्डिंग का काम कर नेताओं की नकारात्मक छवि को सकारात्मक बनाने का काम करती हैं। जनता या टार्गेट ऑडियंस के मन में किसी ...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)