मीडिया और आरएसएस का नापाक गठजोड़ भारत में इस्लाम पर किस तरह आक्रामक है ये इस बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि मुस्लिमो के जुड़े मुद्दों पे ऐसे लोगों को मोहरा बनाना और उनकी बातों को इस्लाम से जोड़ना है जो खुद को मुसलमान भी नहीं मानते। ऐसे ही लोगों की लिस्ट में तारिक़ फ़तेह, तस्लीमा नसरीन और सलमान रुश्दी जैसे लोग है जिन को न्यूज़ चैनलो अपने डीबेट में मुसलमान की तरह पेश करते है और उनसे मुसलमानो से जुड़े मसलो पे बहस की जा रही है और ऐसे मुददों को उठाया जाता है जिससे इस्लाम और मुसलमान को यहाँ के बहुसंख्यक के सामने नंगा किया जा सके और देश के मुसलमानो के खिलाफ नफ़रत का माहौल बनाया जा सके। जिस दिन यदि किसी भी हिन्दू या हिन्दू स्वयंसेवी संस्था ने इनमें से किसी के विरुद्ध कोई कार्यवाही की, उसी दिन देखिये किस तरह ये ही विरोधी इन तीनों के पक्ष में एकजुट होकर विधवा-विलाप करते नज़र आएंगे। सड़कों पर खूब नंगा नाच होगा कि "नारा ओ तकबीर अल्लाह ओ अकबर ; इस्लाम खतरे में" आदि नारों से आसमान सिर पर उठा लेंगे। तब इन तीनो इस्लाम विरोधी मुसलमानों को बड़ा विद्धवान का प्रमाण देने सब इक्कठे हो जाए...