दिल्ली एमटीएनएल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सीमा उलन्घन करती लापरवाही 29 मार्च 2016 से मैं हैदराबाद प्रवास पर होने में कारण केवल कोर्ट केस के कारण बहुत से बहुत मात्र एक सप्ताह के लिए दिल्ली जाना होता है। और जब भी दिल्ली पहुँच इन्टरनेट देखो गायब क्योंकि टेलीफोन ही डेड होता है। शिकायत करने पर ठीक हुआ सायं 4 बजे रात 10 बजे फिर डेड। जबकि बिल पूरा लिया जा रहा है, मेरी भी मजबूरी है,क्योंकि पुरे माह दिल्ली तो रहता नहीं, हैदराबाद प्रवास के दौरान क्या दूरभाष ठीक हुआ होगा, उसकी कल्पना करना भी व्यर्थ नही, बल्कि सोंचना भी मूर्खता है। अधिकारियों को समय पर वेतन मिल जाये, सरकारी सुख-सुविधा मिल जाये और उपभोक्ता जाये भाड़ में। ऐसा आभास होता है, एमटीएनएल स्टाफ को शायद वेतन नहीं मिलता, जिस कारण विभाग का कोई अधिकारी उपभोक्ता की शिकायत पर ध्यान नहीं देता। और अपने कर्मचारियों पर ही अपनी नौकरी पक्की कर, सरकारी धन का दुरूपयोग कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि यह कोई नई बीमारी है, नहीं यह टेलीफोन विभाग की लापरवाही है। 2015 में भी ऐसी ही बीमारी थी। 15 अप्रैल 2015 को लिखित में दिल्ली गेट स्थित टेलीफोन विभाग में ...