आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार अब लगभग तय हो गया है कि राज्य में 12 साल से अधिक से सत्ता की बागडोर संभालते आ रहे जदयू लोकसभा का अगला चुनाव एनडीए से तालमेल करके ही लड़ेगा, लेकिन कांग्रेस की उम्मीदें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। वहीं, कुछ छोटे-छोटे अन्य दल भी चुनाव से पहले पाला बदलने की तैयारी में हैं। राजनीतिक गलियारे में माना जा रहा है कि पिछले महीने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पटना दौरे के बाद जदयू को लेकर चल रही कयासबाजी पर पूरी तरह से विराम लग गया है, लेकिन पिछले दिनों दिल्ली के जंतर मंतर पर राजद के धरना में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान के तेवर से लोगों का संदेह बढ़ गया है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के कुछ बड़े नेता जदयू नेताओं के अभी भी संपर्क में हैं। क्या एनडीए और जेडीयू में मतभेद होगा? कांग्रेस को उम्मीद है कि एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर विवाद होना तय है। विधानसभा में जदयू के संख्या बल के मुताबिक लोकसभा की सीटें दे पाना भाजपा नेतृत्व के लिए संभव नहीं होगा। ऐसे में जदयू एनडीए पाले से बाहर भी आ सकता है। वैसे भी अमित शाह के दौरे के तुरंत बाद नीतीश कुमार न...