आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार कच्चा तेल वैसे अरबी देशों के पास सबसे ज्यादा नहीं है, वो वेनेज़ुएला और अमरीका में सबसे ज्यादा है, पर अमरीका अपने कच्चे तेल को नहीं बेचता, वो उसे बचा कर रखे हुए है, क्यूंकि वो अपने लिए धन का जुगाड़ दूसरे कामो से कर लेता है ! पर अरबी देश कच्चे तेल पर ही निर्भर है, इनको कोई काम नहीं आता, ये आजतक कुछ नहीं बना सके है, न इनके पास तकनीक है, और न विज्ञान है और न ज्ञान, ये लोग 72 हूर से ऊपर, मजहबी उन्माद से ऊपर आज तक नहीं आ पाए। कभी दुनियाभर के तमाम देशों को तेल बेचकर शान-ओ-शौकत की जिंदगी जीने वाले अरब देशों के शेख अब इसी तेल की कमाई को लेकर परेशान हैं। सऊदी अरब, ओमान, यूएई, बहरीन और कुवैत जैसे देश सालों से दुनियाभर को तेल बेचकर भारी कमाई कर रहे थे। लेकिन, पिछले कुछ महीनों से उनका यह तेल का खेल ठंडा पड़ गया है। इसी वजह से ये देश ऐसे कदम उठाने लगे हैं, जिससे एक बार फिर तेल की कमाई पर उनका ही कंट्रोल हो सके। बस उनके इसी फैसले से हालात ऐसे बन रहे हैं कि यह मोदी सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। तेल की सप्लाई घटाई ग्लोबल लेंडर आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट...