'मुन्नाभाई एमबीबीएस' में जिस लड़की ने ज़हीर की लाइफ बदली, उसकी खुद की लाइफ स्टोरी बड़ी इंस्पायरिंग है. फोटो - फिल्म स्टिल ज़हीर कैंसर से जूझ रहा है। लास्ट स्टेज पर है। ज्यादा समय नहीं है उसके पास। डॉ. अस्थाना के हॉस्पिटल में एडमिट हो जाता है। लेकिन एक मलाल है उसके मन में। सारी ज़िंदगी ‘गुड बॉय’ बना रहा। कभी डांस बार या क्लब जैसी जगहों पर नहीं गया। सिर्फ घर की ज़िम्मेदारियों पर ध्यान दिया, और अब उसके साथ ऐसा हो गया। चाह कर भी बची हुई ज़िम्मेदारियां पूरी नहीं कर सकता। हॉस्पिटल में सोया हुआ है। तभी एक रात कुछ गुंडे आते हैं, कहते हैं कि जो बीत गया, वो बीत गया, जो बीतना है, उसे हंसकर बिता। इसी सब शोरगुल के बीच एक लड़की के हंसने की आवाज आती है। वो ज़हीर से कहती है, ‘देख ले आंखों में आंखें डाल देख ले' ; वो लड़की थी मुमैत खान। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की वो कथित आइटम गर्ल जिसने ‘शीला की जवानी’, ‘मुन्नी बदनाम हुई’ और ‘साकी साकी’ से पहले बताया कि आइटम नंबर्स आखिर होते क्या है। एक वक्त की सेंसेशन रही मुमैत खान आज कल कहां हैं? पाकिस्तान से आने पर जब ढूंढने पर भी घर में पैसे नहीं होते थे अब्दुल...