घोटालों के लिए बदनाम रहे मध्य प्रदेश में इन दिनों ई-टेंडर घोटाले की चर्चा जोरों पर है. यह अपने तरह का अनोखा घोटाला है, जिसमें घोटाला रोकने के लिए बनाई गई व्यवस्था को ही घोटाले का जरिया बना दिया गया. जिस तरह से इस पूरे खेल को अंजाम दिया गया, वह डिजिटल इंडिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. व्यापम की व्यापकता को भी बौना करने वाला यह घोटाला मध्यप्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला हो सकता है. अनुमान लगाया जा रहा है कि यह करीब 3 लाख करोड़ रुपए का घोटाला है, जिसमें से अभी तक 1500 करोड़ रुपए का घपला पकड़ा जा चुका है. इस पूरे मामले के तार सत्ता के शीर्ष से जुड़े हुए दिखाई पड़ रहे हैं. इसमें पांच आईएएस अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है और गौर करने वाली बात यह है कि ये अधिकारी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं. इसी सन्दर्भ में अवलोकन करें:- http://nigamrajendra28.blogspot.com/2017/09/200.html NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM मध्य प्रदेश : 200 करोड़ के घोटाले की पोल खुलने के डर से हटाया कमिश्नर ईद की छुट्टी के दिन(सितम्बर 2) ...