हीरोइनों को परदे पर नाचना पड़ता है, अभिनय करना होता है लेकिन यह सब वह फिल्मों में काम को तौर पर करती हैं। बॉलीवुड के असली चेहरे को पूरी दुनिया जानती है। इसकी चमक-धमक के साथ ही स्याह मुखौटा भी है जो लोगों की जिंदगी बर्बाद कर देता है। यहां स्टार दिखने वाली हीरोइनों के साथ रियल लाइफ में हैरेसमेंट भी होता है। चाहे न अनचाहे हीरोइनों ने अपने साथ हुई बदतमीजी और हैरेसमेंट का खुलासा किया ही है। इस सन्दर्भ में स्मरण होता आता है अस्सी के दशक में फिल्म पत्रिकाओं में प्रकाशित एक नायिका का साक्षात्कार, जिसमे उस नायिका ने स्पष्ट कहा था कि फिल्मों के चकाचोंध दुनियाँ में पदापर्ण और बने रहने के लिए गॉड-फादर की जरुरत होती है। फिर एक बार एक निर्माता से अभिनेत्रियों के शोषण पर बातचीत करने पर बताया "जनाब हम तो फिर भी इनके तन पर कुछ वस्त्र पहना देते हैं, दराज़ खोलकर फिल्मों में काम करने को लालायित के जो चित्र दिखाए, अब बताइए कौन कपडे उतार रहा है? दूसरों पर इल्ज़ाम लगाना बहुत आसान है, भाई साहब।" उन चित्रों के एल्बम देख एक दम सन्न रहा गया। इंटरव्यू के दौरान तो कभी सोशल...