ऐसा कहा गया है कि समय और इतिहास खुद को दोहराता है, कुछ ऐसा ही कर्नाटक की राजनीति में देखने को मिल रहा है। जिस तरह के आरोप कांग्रेस की ओर से भाजपा और राज्यपाल के खिलाफ लगाए जा रहे हैं इससे यही पता चलता है कि कांग्रेस खुद का किया भूल गयी है। सत्ता का दुरुपयोग कर राज्य सरकारों को बर्खास्त करने, सबसे बड़े दल को सरकार बनाने से रोकने की तमाम कोशिशें कर चुकी कांग्रेस आज कर्नाटक में राज्यपाल के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है। बोम्मई केस समेत कांग्रेस की केंद्र सरकार के इशारे पर विभिन्न राज्यों में राज्यपालों द्वारा सरकार बर्खास्त करने या गलत निर्णय लेने के ढेरों उदाहरण हैं। खैर, देखना है कि कांग्रेस समर्पित जेडीएस सरकार कितने दिन चलती है। क्योंकि कांग्रेस समर्थित सरकारों को असमय ही गिरना पड़ा है। केन्द्र में चन्द्रशेखर की सरकार रामजन्मभूमि विवाद समाप्त करने में अहम् भूमिका निभाते देख राजीव गाँधी ने तुरन्त अपना समर्थन वापस लेकर चंद्रशेखर सरकार को गिराकर, आज तक इस जीवित रखे हुए है। अन्यथा अयोध्या में राम मन्दिर तभी बन गया होता। कांग्रेस ने ही शुरू की थी यह परिपाटी ...