आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार तीसरा साल शुरू होने के साथ ही नरेंद्र मोदी सरकार अपने पुरे जोश में है। बीते लंबे समय से देश को लूटने और बेवकूफ बनाने वालों का हिसाब-किताब शुरू हो चुका है। चौथे साल के पहले महीने में ही मोदी सरकार ने कई ऐसे बड़े फैसले लिए हैं जिनसे अंदर ही अंदर खलबली मची हुई है। बीते 10 साल में देश को लूटने वाली कांग्रेस सरकार और उसके कुछ कृपापात्रों की पोलपट्टी धीरे-धीरे सामने आ रही है। ये पांचों वो मामले हैं जिनके कारण बीते कुछ साल में देश और यहां रहने वाले हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की गई थी। एक छठा काम जो छद्दम धर्म-निरपेक्षों की नींद हराम करने को है, वह अयोध्या में राममन्दिर का मुद्दा है। यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट से निवेदन कर उन लोगों को, जो अपनी रोज़ी-रोटी और कुर्सी की खातिर खुदाई में मिले मंदिर के अवशेषों को प्रस्तुत न कर गुमराह किया, को भी दण्डित करने के लिए कहें। राममंदिर बनने में किस तरह कांग्रेस और वामपंथी अदालतों को गुमराह करते रहे; और किन लोगों के कहने पर राम और रामसेतु काल्पनिक कहा था। किस तरह आम मुसलमान को सच्...