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ममता के बंगाल में मोदी की सुरक्षा से खिलवाड़

एनआरसी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी ममता बनर्जी के साथ टकराव का एक और कारण सामने आ गया है। मिदनापुर में प्रधानमंत्री की रैली में पंडाल गिरने के लिए केंद्र की रिपोर्ट में राज्य प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया। रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री की रैली और उसकी तैयारियों के दौरान राज्य प्रशासन की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई। वहीं राज्य पुलिस ने हादसे में भाजपा की राज्य इकाई और पंडाल लगाने वाले फर्म को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। कैबिनेट सचिवालय में सुरक्षा अधिकारी एसके सिन्हा की अगुवाई में हादसे की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने गृह सचिव राजीव गाबा को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री की रैली के दौरान वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को रैली स्थल पर मौजूद होना चाहिए था, लेकिन कोई भी मौजूद नहीं था। यही नहीं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी पर्याप्त बंदोबस्त भी नहीं किए गए थे। जाहिर है इससे पंडाल की क्षमता से अधिक लोग इसमें पहुंच गए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के ...

‘2019 का पहला रुझान :‘विपक्ष ’40 लाख’ वोटों से पीछे चल रहा है’ -- परेश रावल

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  असम में  राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर (NRC)   के मसौदे से जिन लोगों के नाम छूटे थे उनमें सरकार द्वारा नियुक्‍त फील्‍ड लेवल अफसर मोइनुल हक तक शामिल हैं, जिन्‍होंने खुद रजिस्‍टर में लोगों के नाम तस्‍दीक कराने के बाद दर्ज कराए। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि असम में उदलगुडी जिले के एक शिक्षक का नाम भी एनसीआर के अंतिम मसौदे में नहीं है ।   जब यह मसौदा जारी हुआ तब जिन लोगों के नाम छूट गए, उनमें अजीब सा डर देखा गया ।   ह‍क खुद अपना नाम गायब होने पर हैरान हैं ।   वह उन 55 हजार सरकारी कर्मचारियों व कांट्रेक्‍ट वर्करों में से एक थे, जिन्होंने एनआरसी को अंतिम रूप देने की  प्रक्रिया को पूरा किया ।   लेकिन वह खुद गिनती से बाहर हो गए ।   उनके मुताबिक वह इस बारे में वरिष्‍ठ अधिकारियों से बात करेंगे कि आखिर ऐसा हुआ कैसे? उन्‍हें भारतीय नागरिक क्‍यों नहीं माना गया? छूटे लोगों में एक जवान व गजटेड अफसर शामिल अन्‍य लोग जो छूटे हैं उनमें आर्मी जवान, सीआईएसएफ हेड कांस्‍टेबल, एजी ऑफिस के गजटेड अफसर और असम पुलिस स्‍पेशल ब्रा...

NRC: अरुण जेटली ने ब्लॉग लिख विपक्ष को घेरा, ममता बनर्जी और कांग्रेस को याद दिलाया पुराना स्टैंड

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर मचे घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग लिखकर विरोधियों पर निशाना साधा है। जेटली ने इस ब्लॉग को  'राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर- संप्रभुता बनाम वोट बैंक'  नाम के शीर्षक से प्रकाशित किया है। जेटली ने ब्लॉग में लिखा है, 'क्षेत्र और नागरिक एक संप्रभु राज्य के दो सबसे महत्वपूर्ण पहलू हैं। किसी भी सरकार का मुख्य कर्तव्य देश की सीमाओं की रक्षा करना, किसी भी अतिक्रमण को रोकना और अपने नागरिकों के जीवन को सुरक्षित बनाना है। जम्मू-कश्मीर में संप्रभुता की रक्षा के लिए स्वतंत्र भारत को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है।' उन्होंने लिखा, 'स्वतंत्रता और भारत के विभाजन के समय असम पाकिस्तान के लिए भी एक गंभीर मुद्दा था। पाकिस्तान ने इस तथ्य से नाराजगी व्यक्त की कि कश्मीर की तरह असम स्वतंत्र भारत का हिस्सा बन गया है।' इस संबंध में जेटली ने जुल्फीकार अली भुट्टो की किताब 'मिथ ऑफ इंडिपेंडेंस' का जिक्र किया है, जिसमें लिखा है, 'यह गलत होगा कि कश्मीर ही एकमात्र मुद्दा है जो भारत और पा...

NRC ड्राफ्ट मुद्दे के तहत बीजेपी ने इन 4 अन्य राज्यों में जांच की मांग की

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  असम के NRC ड्राफ्ट का मुद्दा अभी सुलग ही रहा है कि बीजेपी ने चार अन्य राज्यों में भी NRC जांच कराने की मांग की है. बीजेपी ने राजधानी दिल्ली समेत, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी NRC लागू करने की मांग की है. केंद्र सरकार, भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने के लिए NRC प्रक्रिया लागू करने की मांग कर रही है.  पश्चिम बंगाल के लिए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष और प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने NRC की मांग की है. वहीं  दिल्ली में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने राजधानी में, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार में और नरेश अग्रवाल ने यूपी में एनआरसी की मांग की है. समाजवादी पार्टी से भाजपा में शामिल हुए पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा है कि पुरे देश में NRC लागु कर घुसपैठियों का पता लगाना चाहिए. अग्रवाल के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल जैसे अन्य राज्यों में भी घुसपैठिये रहते हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के राज्यसभा में बयान के बाद हंगामा मचा। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने 1985 म...

हो सकते हैं गृह युद्ध जैसे हालात-- ममता बनर्जी

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मसले पर जुलाई 31 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजधानी दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि एनआरसी के नाम पर जो हुआ है, बहुत गलत हुआ है। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि एनआरसी की सूची से लगभग 40 लाख लोगों को  बहिष्कार करना एक 'आपदा' है। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि असम में एनआरसी की सूची से बाहर किए गए लोगों से कोई अमानवीय व्यवहार या उनका उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा, 'मैंने उनसे (गृहमंत्री) एनआरसी विधेयक में संशोधन करने या नए बिल लाने के लिए कहा। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वे (सरकार) लोगों को परेशान नहीं करेंगे। मैंने उनसे बंगाल में एनआरसी लागू होने की रिपोर्ट के बारे में भी बात की, मैंने उनसे कहा कि यदि ऐसी कोई चीज होती है तो गृह युद्ध हो सकता है।' अवलोकन करें:-- NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM असम : एनआरसी का अं...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)