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डॉ राजेन्द्र प्रसाद के बाद नरेन्द्र मोदी मन्दिर उद्घाटनकर्ता

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद के बाद प्रधानमन्त्री  नरेंद्र मोदी का नाम मन्दिर  उद्धघाटन   के लिए स्मरण किया जाएगा। अन्तर केवल इतना है कि एक ने अपने ही देश में उद्धघाटन किया और दूसरे ने देश से बाहर। दोनों ही उद्घाटनों का अपना ही अलग महत्व है। दोनों--डॉ राजन बाबू और मोदी-- ही निडर। जब तत्कालीन उप-प्रधानमन्त्री एवं गृह मंत्री सरदार पटेल की छत्रसाया में सोमनाथ मन्दिर का जीणोद्धार किए जाने पर राजन बाबू को उद्धघाटन करने का निमंत्रण दिया। जवाहरलाल नेहरू के लाख विरोध के बावजूद राजन बाबू ने उद्घाटन किया। यूँ तो नेहरू और राजन बाबू के बीच नोंकझोंक होती रहती थी। लेकिन राजन बाबू के आगे नेहरू तो क्या किसी में विरोध करने का साहस नहीं होता था।  जवाहरलाल के मन में राजन बाबू के दिल इतना अधिक द्वेष था कि राजन बाबू के कार्यकाल में ही उनका स्वास्थ्य डगमगा रहने के कारण तत्कालीन गृह मन्त्री "मामाजी" उर्फ़ लाल बहादुर शास्त्री ने नेहरूजी से कहा "डॉ साहब की तबियत चिन्ताजनक है, अगर पद पर रहते कोई अनहोनी हो गयी, तो बापू की समाधि के पास इनको भी...

क्या बंगाल की खाड़ी में समा जायेगा कपिल मुनि मंदिर?

ऋषि कपिल मुनि आश्रम में संध्या आरती  आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  ग्लोबल वार्मिंग के कारण बंगाल की खाड़ी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बंगाल की खाड़ी  का दायरा गंगासागर क्षेत्र के कपिल मुनि मंदिर  प्रांगण की ओर आगे बढ़ रहा है। गंगासागर क्षेत्र के आस पास धसान भी शुरू हो गयी है. आशंका जतायी जा रही है कि अगर इसे नहीं रोका गया तो, आने वाले दिनों में कपिल मुनि मंदिर बंगाल की खाड़ी में समा जाएगा। गंगासागर का विशाल मेला प्रांगण समुद्र में समा जायेगा. ऐसी जानकारी मिलने के बाद ही पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गंगासागर के आस पास के क्षेत्रों में धसान रोकने के लिये बांध बनाने की योजना बनाई है। इसकी समीक्षा शुरू हो गयी है। सर्वेक्षण का परिणाम आने के बाद युद्ध स्तर पर गंगासागर क्षेत्र में बांध बनाने का काम शुरू होगा।  असली मंदिर चला गया है समुद्र में इतिहासविदों के अनुसार वर्तमान समय में जिस स्थान पर अभी कपिल मुनि का आश्रम है, वह एक समय समुद्र के भीतर था। समुद्र के आगे बढ़ने के कारण असली मंदिर समुद्र के भीतर समा गया। उसके...

दिल्ली में मन्दिर बिकाऊ है !!!

यदि ऐसा कुछ हमला किसी मस्जिद या चर्च पर होता है, तब यह सभी के लिए ‘ब्रेकिंग न्यूज’ बन जाती है । ‘भारत में अल्पसंख्यक समुदाय खतरे में है’ इस तरह की गूंज सुनार्इ देनी लगती; परंतु जब मंदिर तथा हिंन्दू साध्वी पर तेजाब से हमला होता है तब ‘सेक्युलर मीडिया’ के लिए यह कोर्इ न्यूज नहीं होती है । इस समाचार में भी अगर देखे तो जिहादीयों ने हमला किया है, यह पता होते हुए भी ‘समुदाय विशेष’ के लोग ऐसा उल्लेख किया गया है । सभी हिन्दूआें को अब संगठित होकर इस प्रकार से मंदिर तथा साध्वी पर होने वाले हमलों का वैधानिक मार्ग से विरोध करना चाहिए । गाजीपुर क्षेत्र, दिल्ली में स्थित हरिजन बस्ती में एक बुजुर्ग साध्वी का जीवन दूभर हो गया है। एक समुदाय विशेष के कुछ असामाजिक तत्व विरोध कर कई बार कॉलोनी में मंदिर संचालित कर रही साध्वी को धमकियां भी दे चुके है। उन पर हमला भी किया गया था। पीडि़त साध्वी शकुंतला गुप्ता (६७) की शिकायत पर गाजीपुर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। परंतु अभी तक किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नही हुई। इससे आहत साध्वी ने मंदिर पर बिकाऊ होने का नोटिस लगा दिया है। इस मामले में अखंड भारत मो...

रहस्मयी एवं चमत्कारी आंध्र प्रदेश का अनंतपुर मन्दिर

आस्था और विश्वास पर टिका आंध्र प्रदेश के अनंतपुर का एक मंदिर आज भी धर्म और विज्ञान के लिये अबूझ पहेली बना हुआ है। मंदिर वैसे तो अपने इतिहास के लिये प्रसिद्ध है, लेकिन मंदिर से जुड़ा एक चमत्कार आज भी लोगों के लिये चुनौती बना है। पैर के निशान - यहां एक पैर का निशान भी है, जिसको लेकर अनेक मान्यताएं हैं। इस निशान को त्रेता युग का गवाह माना जाता है।  कोई इसे राम का पैर तो कोई सीता के पैर का निशान मानते हैं। बताते हैं कि ये वही स्थान है, जहां जटायु ने राम को रावण का पता बताया था। नृत्य मंडप - मंदिर का सबसे रहस्यमय हिस्सा नृत्य मंडप है। मंडप पर कुल 70 पिलर यानी खंभे मौजूद हैं, जिसमें से 69 खंभे वैसे ही हैं, जैसे होने चाहिए। मगर एक खंभा दूसरों से एकदम अलग है, वो इसलिए क्योंकि ये खंभा हवा में है। यानी इमारत की छत से जुड़ा है, लेकिन जमीन के कुछ सेंटीमीटर पहले ही खत्म हो गया। बदलते वक्त के साथ ये अजूबा एक मान्यता बन चुका है।कुछ लोग इस मंडप को शिव और पार्वती के विवाह से भी जोड़ते हैं, क्योंकि पौराणिक कथाओं के मुताबिक महादेव और पार्वती का विवाह इसी जगह पर हुआ था। स्वयंभू शिवलिंग - इस धाम...

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shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)