भारत की स्वतन्त्रता से लेकर आज तक जनता को गरीबी के नाम पर ठगा जा रहा है। न जाने कितनी पार्टियाँ इसी मुद्दे को लेकर बन चुकी है, लेकिन गरीब वहीँ का वहीँ। आखिर कब तक जनता को गरीबी के नाम पर ठगा जाता रहेगा? मंत्रीजी वास्तविकता से इतने अज्ञान हैं कि : 1. पहले ही पेट्रोल और डीजल पर इतने टैक्स है कि इनके दाम लगभग तीन गुना अधिक हो गए है; 2. इनके दाम बढ़ाने का मतलब है, हर चीज़ के मूल्यों में वृद्धि। यदि वर्तमान सरकार के केंद्रीय मन्त्री भी इस तरह के बयान देंगे तो पिछली सरकारों और वर्तमान सरकार में क्या अन्तर है। यानि चोर चोर मोसेरे भाई। केन्द्रीय पर्यटन मंत्री अल्फोंज कन्ननाथनम ने पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों पर विवादास्पद बयान दिया है। अल्फोंज ने कहा है कि जो लोग पेट्रोल डीजल खरीद रहे हैं वो गरीब नहीं है और ना ही वो भूखे मर रहे हैं। अल्फोंज ने कहा कि पेट्रोल खरीदने वाले कार और बाइक के मालिक हैं। उन्हें पेट्रोल डीजल पर ज्यादा टैक्स देना ही पड़ेगा। बता दें कि पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतें के बीच ये बात सामने आई है राज्य सरकार द्वारा वैट की अत्यधिक दरों और केन्द्र सरका...