ए ओ ह्यूम और सोनिया गांधी दोनों विदेशिओं का कांग्रेस के इतिहास में बहुत महत्व है। ए ओ ह्यूम अगर कांग्रेस से संस्थापक हैं तो सोनिया गांधी वर्तमान कांग्रेस के अध्यक्षा। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि जब कांग्रेस विदेशी सोनिया गांधी को स्वीकार कर सकते हैं तो कांग्रेस संस्थापक को स्वीकार करने से गुरेज क्यों ? दुनिया में शायद कांग्रेस ही सबसे पुरानी पार्टी है। इतनी लम्बी ज़िन्दगी शायद किसी भी राजनैतिक पार्टी नहीं। 28 दिसंबर 1885 को ह्यूम द्वारा स्थापित कांग्रेस और 28 दिसंबर 2015 तक परिस्थितियां में समानता ठूंठना बेशक असंभव हो। लेकिन कांग्रेस में कुछ बातें सहज ही देखी जा सकती हैं। लगभग 130 वर्ष पूर्व इस पार्टी के केंद्र में थियोसॉफिकल सोसाइटी से जुड़े एक अनोखे यूरोपीये व्यक्तित्व ए ओ ह्यूम थे, जबकि आज यूरोपिये मूल की अन्य व्यक्तित्व सोनिया गांधी है। ए ओ ह्यूम ने बदला इटावा ए ओ ह्यूम, एक ऐसा नाम है जिसके बारे मई कहा जाता है कि उन्होंने ग़ुलामी के दौर में एक ऐसा नाम दिया जो आज देश की तस्वीर और तकदीर बन गया है। 4 फ़रवरी 1856 को कलेक्टर बन कर आये 4 फ़रवरी 1856 को...