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पाकिस्तान में सिखों की पगड़ी उछलने पर सिल लेते हैं मुँह, ‘धुरंधर-2’ की कामयाबी से पेट में उठ रहीं मरोड़

फिल्म ‘धुरंधर-2: द रिवेंज’ ने पर्दे पर आते ही कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और ₹1000 करोड़ का जादुई आँकड़ा पार कर लिया है। एक तरफ दुनिया भर के लोग इस फिल्म को सिर आँखों पर बैठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ वामपंथी और कट्टरपंथी लोग इस कामयाबी को हजम नहीं कर पा रहे हैं। इस फिल्म को नीचा दिखाने और बदनाम करने के लिए अब गंदी चालें चली जा रही हैं। फिल्म के खिलाफ माहौल बनाने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का सहारा लेकर झूठे वीडियो और फोटो फैलाए जा रहे हैं। साजिश यह है कि किसी तरह सिखों की धार्मिक भावनाओं को भड़काया जाए और भाईचारे में जहर घोला जाए। यह सिर्फ एक फिल्म का विरोध नहीं है, बल्कि सच्चाई को दबाने की एक बड़ी कोशिश है, ताकि लोग फिल्म के जरिए दिखाए गए असल मुद्दों से भटक जाएँ। वहीं, असल में जो जुल्म और हमले सिखों पर होते है उन पर चुप्पी साध लेते है और उन खबरों को दबा दिया जाता है। ‘फेक’ सिगरेट वाली तस्वीर और ईशनिंदा के नाम पर उत्पीड़न फिल्म में रणवीर सिंह ने ‘हमजा’ उर्फ ‘जसकिरत सिंह’ का किरदार निभाया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, जिसमें रणवीर स...
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धुरंधर-2 से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस बेनकाब; ‘अतीक अहमद’ का पाकिस्तानी कनेक्शन दिखाए जाने पर छाती पीट रहे प्रोपेगेंडाबाज, माफिया के लिए उमड़ा प्रेम

                    धुरंधर द रिवेंज, अतीफ और माफिया अतीक अहमद ( फोटो साभार- x@dhurandharfc) फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में करीब 7-9 मिनट का उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन का किरदार है। उसका नाम है अतीफ अहमद। फिल्म में उसके आईएसआई कनेक्शन, हथियारों की तस्करी और जाली नोट का धंधा करने वाला दिखाया गया है। इसको लेकर एसपी-कांग्रेस और तमाम वामपंथियों की भौहें चढ़ गई हैं। इनका कहना है कि ये पूर्व एसपी सांसद और माफिया अतीक अहमद को दिखाया गया है। लेकिन उसकी हत्या के बाद उसे इस तरह से पाकिस्तान से कनेक्शन दिखाना गलत है। जबकि सच यह है कि अतीक अहमद का पाकिस्तान से न सिर्फ संबंध था बल्कि उसके सारे काले कारनामे पाकिस्तान की मदद से चलते थे। अपना खौफ पैदा करने के लिए वह जिन हथियारों का इस्तेमाल करता था, वह पाकिस्तान से आते थे। ISI और आतंकियों से कनेक्शन फिल्म में इलाहाबाद और उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए अतीफ का आईएसआई से कनेक्शन दिखाया गया है। आईएसआई से हथियारों की तस्करी, नकली नोट नेपाल के रास्ते भारत में लाकर खपाना और उत्तर प्रदेश में किसकी ...

‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगान बनने योग्य नहीं, ‘आनंदमठ’ एक इस्लाम-विरोधी किताब :कर्नाटक के संगीतकार TM कृष्णा ने उगला जहर

                                        कर्नाटक के संगीतकार टीएम कृष्णा (साभार: Youtube) कर्नाटक के संगीतकार टीएम कृष्णा अपने राजनीतिक बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और हिंदुओं को लेकर विवादित बातें कही हैं। अपनी किताब का प्रचार करने के लिए यूट्यूब चैनल ‘द देशभक्त’ को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने वंदे मातरम्, आनंदमठ और हिंदू पहचान के लेकर अपनी नापसंदगी खुलकर जाहिर की। ‘वंदे मातरम्’ प्रसिद्ध भारतीय लेखक और उपन्यासकार बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था। इसे उन्होंने अपने प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ में प्रस्तुत किया था। यह उपन्यास भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और बंगाल में पडे अकाल की पृष्ठभूमि पर आधारित है। ‘वंदे मातरम्’ शब्द स्वतंत्रता सेनानियों के बीच एक लोकप्रिय नारा बन गया था। ब्रिटिश शासन के समय, जब देश कठिन दौर से गुजर रहा था, तब इससे उन्हें प्रेरणा और शक्ति मिलती थी। यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों के अपने देश के प्रते गहरे प्रेम को दर...

मनोज वाजपेयी जैसे भांड की फिल्म हिंदुओं/ब्राह्मणों पर सुनियोजित हमला है; फिल्म का प्रोडूसर/डायरेक्टर और हीरो सभी ब्राह्मण; मतलब ब्राह्मणों के दुश्मन खुद ब्राह्मण हो गए; सुप्रीम कोर्ट गिरफ़्तारी पर रोक न लगाएं

सुभाष चन्द्र आज "घूसखोर पंडत" जैसी फिल्मों के कसूरवार हिन्दू ही है। फिल्मों में किस तरह हिन्दू मन्दिरों और साधु-संतों का मजाक फिल्म सन्यासी, हीरा आदि कई फिल्मों में उड़ाया जा चुका है। फिल्म सन्यासी में गीत "चल सन्यासी मन्दिर में ..." और फिल्म हीरा का "मै तुझसे मिलने आयी मन्दिर जाने के बहाने..." क्या साबित कर रहे हैं, सोंचा कभी? अगर शुरू में ही ऐसी फिल्मों का विरोध किया जाता आज  "घूसखोर पंडत" जैसी फ़िल्में बनाने की कोई निर्माता-निर्देशक सोंचने की हिम्मत नहीं करता। किसी हिन्दू संगठन ने इन फिल्मों का विरोध करने की बजाए इस गीतों पर झूमते नज़र आए।          Bollywood किसी हाल में हिंदू विरोधी एजेंडा नहीं छोड़ सकता ।  रह रह कर इस भांड इंडस्ट्री को खुजली होती है कि हिंदुओं का अपमान करने के लिए ।  और अबकी बार फिर से हिंदुओं पर ब्राह्मणों को टारगेट करके हमला किया है ।  बेशर्म इतने हैं कि फिर भी कह रहा है मनोज बाजपेयी कि हम लोगों की भावनाएं समझते हैं ।  जबकि सच्चाई यह है कि फिल्म का नाम रखते हुए ही उन्हें पता था जबरदस्त विरोध होगा लेकिन सोचा होगा कोर्ट...

‘हिम्मत है तो घूसखोर मुस्लिम या दलित लिखो’: मनोज बाजपेई की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर भड़के नेटिजन्स, Netflix को दी चेतावनी

               नेटफ्लिक्स की आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडत' नाम पर छिड़ा जातिगत विवाद (साभार: Netflix/X) बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेई की नेटफ्लिक्स फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम पर विवाद छिड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘सवर्ण समाज’ और ‘ब्राह्मण’ की छवि खराब करने का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि नाम नहीं बदला गया, तो नेटफ्लिक्स को बॉयकॉट किया जाएगा। एक्स पर ‘शेमऑननेटफ्लिक्स’ हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। दरअसल, 03 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स ने अपनी आगामी फिल्म ‘घूसखोर फिल्म’ का 51 सेकेंड के टीजर रिलीज किया। इस फिल्म में मनोज बाजपेई को एक पुलिस अफसर के किरदार में दिखाया गया है, जो ‘पंडत’ है और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। फिल्म के टीजर रिलीज होते ही लोगों का विरोध शुरू हो गया। Har corrupt officer ko badalne ka ek mauka milta hai. Ab Officer Ajay Dixit ki baari. Watch Ghooskhor Pandat, coming soon, only on Netflix. #GhooskhorPandat #GhooskhorPandatOnNetflix #NextOnNetflixIndia pic.twitter.com/v1zcTcjeI0 — Netflix India (@NetflixIndia) February 3, 2026 ...

‘संगीत के एक युग का अंत’: अरिजीत सिंह ने छोड़ी ‘प्लेबैक सिंगिंग’

                                         बॉलीवुड सिंगर अरिजीत सिंह (साभार: Instagram) म्यूजिक प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड के फेमस सिंगर अरिजीत सिंह ने अचानक प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेकर अपने फैंस को चौंका दिया। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर खुद अरिजीत ने इस फैसले के पीछे कई कारण बताए हैं। यह खबर सुनकर सोशल मीडिया पर लोग इसे संगीत के ‘एक युग का अंत’ बता रहे हैं। सबसे पहले इंस्टाग्राम पर अरिजीत सिंह ने अपने संन्यास लेने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “हेलो, आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ। इतने वर्षों तक श्रोताओं के रूप में मुझे इतना प्यार देने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं प्लेबैक सिंगर के रूप में कोई नया काम नहीं लूँगा। मैं इस पेशे को अलविदा कह रहा हूँ। यह एक शानदार सफर रहा।”       इंस्टाग्राम पर प्लैबैक सिंगिग छोड़ने का ऐलान करते अरिजीत सिंह का पोस्ट (साभार: Instagram-arijitsingh) ...

‘स्वरा भास्कर’ मत बनो AR रहमान, विवादों में खुद घुसो फिर बोलो- नहीं मिल रहा काम: तुम्हारे घर में तिलक लगाकर एंट्री बैन और ‘कम्युनल’ फिल्म इंडस्ट्री है?

                एआर रहमान, काम न मिलने का ठीकरा पावर शिफ्ट पर फोड़ा (फाइल साभार: Instagram) मुसलमानों में सबसे बड़ी बीमारी यह है कि पहले खुद victim card खेलते हैं और पलटवार होने पर गरीब, मज़लूम और शरीफ बन दूसरे को कसूरवार बता बेशर्मी से victim card खेलने लगते हैं। ऐ आर रहमान तुम्हारी अम्मी ने क्यों किसी हिन्दू को घर में तिलक लगाकर आने से मना किया था? और तुमने खुद कितने विवादित बयान दिए और अब जवाब मिलने पर सिस्टम को कम्युनल बता रहे हो? रहमान मियां समय बदल रहा है हर सनातन विरोधी की रही हालत हो रही है।     आज का जमाना बड़ा बेरहम है। यहाँ गाना अच्छा लगा तो रील बन गई, नहीं लगा तो दो सेकेंड में स्किप। और जब स्किप बटन ज्यादा दबने लगे, तब कुछ लोग सुर सुधारने की जगह बयान सुधारने लगते हैं। एक समय पर इंडस्ट्री के जाने-माने संगीतकार रहे एआर रहमान भी ऐसा ही करते दिखे। काम नहीं मिला तो बात सीधा देश की ‘पावर शिफ्ट‘ तक पहुँचा दी और उसमें ‘कम्युनल एंगल’ भी घुसेड़ दिया। मतलब गाना नहीं चला तो वजह सुर नहीं, सिस्टम है। ये देश के आम लेफ्ट-लिबरल गैंग का वही पुरा...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)