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जब जवाहर लाल नेहरू ने गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी को दो साल तक जेल में बंद कर दिया था

आज राहुल गाँधी से लेकर सारा INDI गठबंधन मोदी सरकार पर लोकतंत्र ख़त्म और संविधान को बदलने की बातें कर जनता को गुमराह करती रहती है। लेकिन भूल जाती है कि जवाहरलाल नेहरू से  लेकर युपीए मनमोहन सिंह तक कितनी बार लोकतंत्र और संविधान की कितनी बार हत्या की गयी।   किस्सा कुर्सी का, रोटी कपडा और मकान, आंधी और कई फिल्मों को कांग्रेस के राज में प्रदर्शित होने से रोक दिया था। इतना ही आपातकाल में संजय गाँधी के कार्यक्रम में गायक किशोर कुमार द्वारा गाने से मना करने पर रेडियो पर इनके गानों के प्रसारण पर रोक लगा दी गयी थी। फिर भी फिल्म जगत में कुछ चाटुकार कांग्रेस की गुलामी करते नज़र आते हैं।         मशहूर गीतकार और शायर मजरूह सुल्तानपुरी को जवाहरलाल नेहरू ने मात्र एक कविता उनके उपर गाने पर उन्हें दो साल के लिए मुंबई की आर्थर रोड जेल में कैद करवा दिया था। आज जो गुलाम कांग्रेसी अभिव्यक्ति की आजादी का रोना रोते फिरते हैं वो कभी इतिहास के पन्नों में दर्ज इस काली कहानी की बात नहीं करेंगे... हिंदुस्तान की आजादी के कुछ समय बाद की बात है। बंबई में मजदूरों की एक हड़ताल में मज...
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73 साल के मशहूर डायरेक्टर शकील नूरानी ने फिल्म देने के बहाने नायिका का 4 साल किया यौन शोष, धमकी देकर खिलाईं बार-बार पिल्स

        'जोरू का गुलाम' के डायरेक्टर शकील नूरानी गिरफ्तार (फोटो साभार: Instagram @shakeelnoorani) मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड फिल्म निर्देशक शकील नूरानी को यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। 73 वर्षीय नूरानी पर 33 साल की एक्ट्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। अभिनेत्री के मुताबिक, उत्पीड़न की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू की और करीब 40 दिनों तक फरार रहे नूरानी को आखिरकार महाराष्ट्र के सतारा जिले के मेधा इलाके में स्थित एक फार्महाउस से पकड़ लिया। कोर्ट ने उन्हें 12 अगस्त 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अवॉर्ड फंक्शन में हुई मुलाकात, स्क्रिप्ट के बहाने घर बुलाकर किया उत्पीड़न मुंबई पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अभिनेत्री की शकील नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में लोखंडवाला में आयोजित एक अवॉर्ड समारोह के दौरान हुई थी। इस दौरान नूरानी ने अपनी आने वाली फिल्म में काम को लेकर उनसे बातचीत की और प्रोजेक्ट के संबंध में संपर्क करने के लिए कहा। इसके बाद अभिनेत्री स्क्रिप्ट पढ़ने के सिलसिले म...

सतलुज : पंजाब में बस से उतारकर मार डाले गए हिंदू यात्री कहाँ हैं? खालिस्तानी आतंकवाद के नैरेटिव से मिटा दिए गए 1800 पुलिसकर्मियों का कत्ल-पत्रकारों की निर्मम हत्या

आज जिस तरह देश खालिस्तान आतंकवाद की आग में जल रहा है, उसकी जिम्मेदार सिर्फ कांग्रेस ही है। जब पंजाब कांग्रेस के हाथ से निकल रहा था तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने संत भिंडरांवाला से गुप्त समझौता किया और जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर संत ने जब इंदिरा गाँधी से सिखों के लिए किए वायदों को पूरा करने को कहा उस संत को आतंकवादी बता दिया। यहाँ से शुरू हुई खालिस्तान की लड़ाई। सवाल यह है कि जब मांगें अनुचित थी तो मानी क्यों? Kashmir Files से लेकर अब ' सतलुज' तक जितनी भी फिल्मों का निर्माण हुआ है सभी में कांग्रेस की काली करतूतों का पर्दाफाश हुआ है। यानि कांग्रेस 'Divide and rule' की नीति पर काम कर जनता को गुमराह कर देशभक्त पार्टी का स्वांग करती रही।  आज भी क्या हो रहा है सबके सामने है। पहले सोनिया गाँधी और अब राहुल गाँधी की हरकतें देख लो। जो हमेशा उपद्रव होने की बात करते रहते हैं। विदेशों में अपने आकाओं से घुट्टी लेकर आते हैं और संसद बाधित करते हैं। LoP होते हुए कोई ऐसी बात नहीं की जिस पर सत्ता पक्ष सोंचने को मजबूर हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में देश का...

खंजर से चीरी कोख, निर्वस्त्र की गई बहन… सब भूल जाओ, जिया की चाँद बाली पर लिखो नज्म: Arfa Khanum को क्यों भायी इम्तियाज अली की ‘मैं वापस आऊँगा’?

घर की माँ-बहन-बेटी का चाहे बलात्कार हो जाए, गर्भवतियों की कोख चीर दी जाए, चाहे एक साथ सारी महिलाएँ अपना गला खुद रेतने को मजबूर हो जाएँ… लेकिन आपकी स्मृति में रहनी चाहिए एक मुस्लिम लड़की की चाँद बालियाँ, उसके प्रेम में लिखी गई सिख लड़के की नज्म और लाहौर के सरगोधा की गलियाँ… यही मकसद है 12 जून को पर्दे पर आई इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊँगा’ का। इस फिल्म में कलाकार के तौर पर दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह मुख्य कलाकार हैं। फिल्म कैसी है इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि इसकी तारीफ करने वालों में एक नाम आरफा खानम शेरवानी जैसों का भी है जिन्हें ये फिल्म विभाजन के जख्मों पर मरहम लगाने वाली एक ‘कविता’ जैसी लगती है। आरफा इस फिल्म को देखकर रोने लगती हैं क्योंकि उनसे ये नहीं देखा जाता है कि कैसे इतने समय बाद पर्दे पर कीनू की कहानी के रूप में उनके नैरेटिव का कंटेंट आया है। इंटरनेट पर फिल्म के बारे में पढ़ने चलेंगे तो पता चलेगा इम्तियाज अली ने कहने को ये फिल्म विभाजन के दर्द को बयाँ करते हुए बनाई है, लेकिन जब देखेंगे तो खुद से सवाल पूछेंगे कि क्या सच में ये फिल्म विभाजन की त्रासदी का सही चित्र...

‘राख’ पहली नहीं: ‘तांडव’ में हिंदू देवताओं का मजाक, ‘दहाड़’ में लव जिहाद पर पर्दा, ‘पाताल लोक’ में हिंदू-सिखों की नकारात्मक छवि; लंबी है Prime Video के वैचारिक एजेंडे की कहानी

               OTT में हिंदुओं को खलनायक दिखाने का चलन (फोटो साभार:अमेजन प्राइम/इंडियन एक्सप्रेस) हाल के वर्षों में अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) और कई अन्य OTT प्लेटफॉर्म लगातार रचनात्मक स्वतंत्रता (creative liberty) की आड़ में भारतीय कहानियों में हिंदू-विरोधी और विभाजनकारी रंग भरते रहे हैं। बॉलीवुड की उस पुरानी प्रवृत्ति को आगे बढ़ाते हुए जिसमें तिलक लगाने वाले, धार्मिक और ऊँची जाति के हिंदुओं को अक्सर खलनायक दिखाया जाता है, कई OTT शो वास्तविक घटनाओं को अलग नजरिए से पेश करते हैं। OTT शोज भी वास्तविक घटनाओं को दलित पीड़ितता, मुस्लिमों की अच्छाई और हिंदुओं के उपहास वाले विकृत नजरिए से पेश करते हैं। Amazon Prime Video की नई ओरिजिनल सीरीज ‘राख’ (Raakh) को लेकर भी विरोध हो रहा है। इस पर 1978 के गीता और संजय चोपड़ा अपहरण व हत्या मामले जिसे रंगा-बिल्ला केस के नाम से जाना जाता है में झूठी जातिगत उत्पीड़न की कहानी जोड़ने का आरोप है। प्रमुख किरदारों की जाति और धर्म बदले गए, ऊँची जाति के हिंदुओं की जगह दलित और मुस्लिम, असली सिख रंगा-बिल्ला को हि...

ब्रिटिश पत्रकार से आमिर खान के संबंध, एक बेटा भी: बॉलीवुड हीरो के छोटे भाई फैसल खान का दावा, कहा- मुझ पर खाला से निकाह का दबाव डाल रहे थे परिवार के लोग

ब्रिटिश पत्रकार जेसिका हाइन्स से आमिर खान के संबंध होने का दावा उनके ही भाई फैसल खान ने किया (साभार: Hindustan Times/TV Insider) बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भाई फैसल खान एक बार फिर चर्चा में है। उन्होंने एक लेटर लिखकर भाई आमिर और पूरे परिवार से नाता तोड़ लिया है। इसके बाद मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परिवार पर बड़े आरोप लगाए हैं। फैसल ने दावा किया है कि उन पर अम्मी की बहन यानि उनकी खाला से निकाह करने का दबाव बनाया गया था।  फैसल खान ने कहा, “मेरा परिवार मुझ पर मेरी खाला से निकाह करने का दबाव डाल रहा था, जो मेरी अम्मी की चचेरी बहन हैं। मैं ऐसा कभी नहीं चाहता था। मैं अपने काम में लगा रहता था और उसमें कोई दिलचस्पी नहीं रखता था। इस वजह से घर में काफी बहस होती थी इसीलिए मैं उनसे दूर रहने लगा। यहाँ तक कि खाला से निकाह ना करने के लिए मेरी अम्मी भी मुझसे नाराज थी।” फैसल खान ने यह भी दावा किया है कि आमिर खान का ब्रिटिश पत्रकार जेसिका हाइन्स से एक बेटा है। फैसल ने कहा, “आमिर का रीना के साथ रिश्ता टूट चुका था और वह जेसिका हाइन्स के साथ रिलेशनशिप में थे। जेसिका से उनको बिना निकाह ...

इंडियन एक्सप्रेस ने पूजा बेदी के बयान से लव जिहाद का ज़िक्र क्यों हटाया?

                                                                                                              साभार - द इंडियन एक्स्प्रेस बॉलीवुड और उसकी कई अभिनेत्रियाँ अक्सर जमीन की हकीकत से कटी हुई नजर आती हैं और कई बार उनके बयान ऐसे होते हैं जो आम लोगों को वास्तविकता से बिल्कुल अलग लगते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण अभिनेत्री पूजा बेदी के उस इंटरव्यू में देखने को मिला, जो उन्होंने सुहासिनी मणिरत्नम के साथ जोस अलुक्कास के यूट्यूब चैनल पर दिया। इस इंटरव्यू में पूजा बेदी ने बताया कि उन्होंने एक्टिंग इसलिए छोड़ दी थी क्योंकि उनके रूढ़िवादी मुस्लिम ससुराल वालों को उनका फिल्मी करियर पसंद नहीं था। लेकिन इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने अपने मुस्लिम शौहर से निकाह की थी तब देश में सच्चा सेक्युलरिज्म और डेमोक्रेसी थी, ज...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)