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कैसे भारत में घुसते हैं बांग्‍लादेशी?

असम में एनआरसी ड्राफ्ट जारी होने के बाद सडक से लेकर संसद तक हलचल मची हुई है ! इसमें 40 लाख लोगों का नाम शामिल नहीं हैं। उनकी नागरिकता पर सवाल खडे हो गए हैं। हालांकि, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया है, यह फाइनल लिस्ट नहीं है। अभी इसमें और सुधार किया जाएगा। वहीं, इस मसले पर ममता बनर्जी ने कहा कि मोदी सरकार बांटों और राज करो की नीति अपना रही है ! इससे देश में गृह युद्ध छिड जाएगा। परंतु इन सब के बीच बडी बात यह है कि आखिर एनआरसी ड्राफ्ट की आवश्यकता क्यों पडी ? दरअसल असम राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या काफी समय से है। यह यहां की बडी समस्या बन गई है। आज हम आपको बता रहे हैं कि असम में किस तरह से घुसपैठ हो रहा है। घुसपैठ    से जुडा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें यह साफ दिख रहा है कि बांग्लादेशी भारत में किस तरह से घुस रहे हैं ! इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 16 मिनट के इस वीडियो में यह दिखाया गया है कि असम से सटे भारत-बांग्लादेश बार्डर पर वह कौन-कौन से इलाके हैं, जहां से बांग्लादेशी भारत में घुसपैठ कर रहे हैं। बार्डर की स्थिति क्या है ? यह वीडियो उस ...

UPA ने 80,000 बांग्लादेशियों को भेजा था वापस, मोदी राज में बस 1,822 हुए निर्वासित: कांग्रेस

कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह पर विदेशियों के निर्वासन मामले में झूठ बोलने का आरोप लगाया। कांग्रेस का दावा है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के शासन काल में 2005-2013 के दौरान 82,728 बांग्लादेशियों को निर्वासित किया गया, जबकि मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में महज 1,822 बांग्लादेशियों का निर्वासन हुआ ।   कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने विदेशियों के निर्वासन पर गृहमंत्री द्वारा राज्यसभा में दिए गए तीन जवाबों का जिक्र किया, जो 2008, 2016 और 2018 से संबंधित है। उन्होंने कहा कि संसद में जवाब दिया गया कि 2005 से 2013 (यूपीए का शासनकाल) के दौरान 88,792 बांग्लादेशियों का निर्वासन हुआ, वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शासन में 2014 से लेकर 2017 के दौरान 1,822 बांग्लादेशियों को देश से निकाला गया ।   उन्होंने कहा कि पहला जवाब अक्टूबर 2008 में तत्कालीन गृह राज्यमंत्री वी. राधिका सेल्वी (यूपीए के पहले कार्यकाल के दौरान डीएमके नेता) ने दिया। उन्होंने कहा कि 2005 में 14,916 और 2006 में 13,692 के बाद 2007 में 12,135 ब...

‘भारत को पडोसी देशों के मुस्लिमों की आवश्यकता नहीं पर यहां के नेताओं को है’ – तसलीमा नसरीन

निर्वासन में रह रहीं बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को ‘‘अवैध प्रवासी’’ करार नहीं दिया जाना चाहिए। असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) ड्राफ्ट से 40 लाख लोगों का नाम बाहर होने की पृष्ठभूमि में उनका यह बयान आया है। नसरीन ने बुधवार को ट्विटर पर लिखा, ‘‘शुरूआती मानव बेहतर जिंदगी के लिए अफ्रीका से एशिया आए। इसके बाद मानव आगे बढता रहा। हमारे पूर्वज मानव अवैध नहीं थे।’’ लेखिका ने ट्वीट किया, ‘‘किसी भी व्यक्ति को अवैध प्रवासी करार नहीं दिया जाना चाहिए। अवैध रूप से भारत घुसने वाले बांग्लादेशी नागरिक, उनका कृत्य भारतीय कानून के अनुसार अवैध है लेकिन वे ‘अवैध’ नहीं हैं।’’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने विश्व बैंक की रिपोर्ट का संदर्भ दिया कि आर्थिक कारणों से आए बांग्लादेशी प्रवासी भारत से अपने वतन लौट सकते हैं क्योंकि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पहले से बहुत बेहतर हुई है। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘भारत में काफी मुसलमान हैं। भारत को पडोसी देशों से और मुसलमानों की आवश्यकता नहीं है। परंतु दिक्कत है कि भारतीय नेताओं को उनकी आवश्यकता ह...

असम एनआरसी : तस्लीमा का ममता से प्रश्न--‘मुझे जब बंगाल से बाहर किया गया तब आप कहां थी ?’

असम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर सडक से लेकर संसद तक हंगामा बरपा है ! सत्ता पक्ष जिन 40 लाख लोगों का नाम एनआरसी में नहीं है उन्हें नागरिकता साबित करने के लिए मौका देने की बात कही है। वहीं विपक्ष का कहना है कि, सरकार का इरादा ठीक नहीं है, अपने ही घर में इतने लोगों को बेघर किया जा रहा है। इस बीच बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा है कि घुसपैठिए अवैध नहीं होते हैं। तस्लीमा ने भारतीय नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, ”भारत में काफी मुस्लिम हैं। भारत को पडोसी देशों से और मुस्लिमों की आवश्यकता नहीं है। परंतु समस्या यह है कि भारतीय राजनेताओं को इनकी आवश्यकता है !” भारत में निर्वासित तस्लीमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कठघरे में खडा करते हुए कहा, "यह देखकर अच्‍छा लगा कि ममता जी 40 लाख बांग्‍ला बोलनेवालों के लिए इतनी ज्‍यादा सहानुभूति रखती हैं। उन्‍होंने यहां तक कह दिया है कि वह असम से बाहर किए जानेवाले लोगों को वह शरण देंगी। उनकी यह सहानुभूति तब कहां थी जब उनकी विरोधी पार्टी ने मुझे पश्चिम बंगाल से बाहर कर दिया था ?” तस्लीमा ने कहा,"ममता जी के अंदर ...

NRC: अरुण जेटली ने ब्लॉग लिख विपक्ष को घेरा, ममता बनर्जी और कांग्रेस को याद दिलाया पुराना स्टैंड

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर मचे घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग लिखकर विरोधियों पर निशाना साधा है। जेटली ने इस ब्लॉग को  'राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर- संप्रभुता बनाम वोट बैंक'  नाम के शीर्षक से प्रकाशित किया है। जेटली ने ब्लॉग में लिखा है, 'क्षेत्र और नागरिक एक संप्रभु राज्य के दो सबसे महत्वपूर्ण पहलू हैं। किसी भी सरकार का मुख्य कर्तव्य देश की सीमाओं की रक्षा करना, किसी भी अतिक्रमण को रोकना और अपने नागरिकों के जीवन को सुरक्षित बनाना है। जम्मू-कश्मीर में संप्रभुता की रक्षा के लिए स्वतंत्र भारत को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है।' उन्होंने लिखा, 'स्वतंत्रता और भारत के विभाजन के समय असम पाकिस्तान के लिए भी एक गंभीर मुद्दा था। पाकिस्तान ने इस तथ्य से नाराजगी व्यक्त की कि कश्मीर की तरह असम स्वतंत्र भारत का हिस्सा बन गया है।' इस संबंध में जेटली ने जुल्फीकार अली भुट्टो की किताब 'मिथ ऑफ इंडिपेंडेंस' का जिक्र किया है, जिसमें लिखा है, 'यह गलत होगा कि कश्मीर ही एकमात्र मुद्दा है जो भारत और पा...

हो सकते हैं गृह युद्ध जैसे हालात-- ममता बनर्जी

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मसले पर जुलाई 31 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजधानी दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि एनआरसी के नाम पर जो हुआ है, बहुत गलत हुआ है। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि एनआरसी की सूची से लगभग 40 लाख लोगों को  बहिष्कार करना एक 'आपदा' है। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि असम में एनआरसी की सूची से बाहर किए गए लोगों से कोई अमानवीय व्यवहार या उनका उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा, 'मैंने उनसे (गृहमंत्री) एनआरसी विधेयक में संशोधन करने या नए बिल लाने के लिए कहा। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वे (सरकार) लोगों को परेशान नहीं करेंगे। मैंने उनसे बंगाल में एनआरसी लागू होने की रिपोर्ट के बारे में भी बात की, मैंने उनसे कहा कि यदि ऐसी कोई चीज होती है तो गृह युद्ध हो सकता है।' अवलोकन करें:-- NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM असम : एनआरसी का अं...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)