आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार अक्सर मोदी पर विपक्ष फेंकू, जुमलेबाज आदि अनेकों से अलंकृत करते रहते हैं, लेकिन मोदी द्वारा किए देशहित में कार्यों को सार्वजनिक होने में बाधक बन रहे हैं। जिनसे वह स्वयं भलीभांति परिचित भी हैं। हर आदमी दूध का धुला नहीं होता, कमियां होती हैं, परन्तु इसका मतलब यह नहीं कि गुणों को नज़रअंदाज़ कर अवगुणों को उछाल जनता को भ्रमित किया जाये। लोक सभा और राज्य सभा चलने में अवरोध करते हो, ताकि सरकार काम न कर सके और हम उसका लाभ उठाकर जनता में सरकार के विरुद्ध माहौल बनाने में सफल हो सके। स्वयं किस तरह जनता के धन पर मालपुए खाते रहे और अब मालपुए खाने की राल उनको विचलित कर रही हैं। मोदी आलोचना में कोई बुराई नहीं है लेकिन आलोचना के दोहरे मापदंड अपनाना ठीक नहीं है! अगर नोटबंदी में ATM की लाइनों में लग कर लोग मर गये थे जिनके लिए आम तौर पर मोदी और नोटबंदी पर सवाल खड़े किए जाते हैं, तो एक बात समझ में आज तक नहीं आई कि जब पूरा देश राशन की लम्बी लम्बी लाइनों में लगता था, गैस cylinder लेने के लिये लम्बी- लम्बी लाइनों में लगता था, पिक्चर हॉल की टिकट लेने के लिये लम...