ये आरक्षण है आरक्षण मांगने वालों की मानसिकता; प्रमाण स्वयं दे रहे हैं। प्ले कार्ड देखिए Reserved Nation Divided Nation ढाई इंच की चमड़े की लचीली ज़ुबान से ब्राह्मणो,ठाकुरो,वैश्यों और वर्णव्यवस्था को गाली देने में कत्तई मेहनत नहीं लगती, कोई भी दे सकता है। लेकिन मेहनत लगती है 2500 वर्षो के इतिहास का सही अवलोकन करने में जो कोई करना नहीं चाहता। "जय भीम", "पाटीदारों को आरक्षण दो" आदि आदि नारे लगाने और इनको समर्थन देने वाले देश में जो अशान्ति फ़ैलाने का दुस्साहस कर रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब यही आन्दोलन अपनी दिशा विपरीत करने पर इन्ही को जलाकर राख कर देगा। इतिहास साक्षी है। इसी को तलाशते इंटरनेट पर आंखें खोलने वाले इतने लेख मिले, जिन्हे अध्ययन करने पर देखा कि इतने लोग देश के वास्तविक इतिहास के ज्ञाता हैं, शिवशौर्या का भी अति गम्भीर लेख पढ़ने को मिला, जिसे पढ़, सोंचा अपने ब्लॉग के माननीय पाठकों से साझा कर लिया जाए। लेकिन वास्तव में भारत में कुर्सी के भूखे नेताओं ने वास्तविक इतिहास को धूमिल कर अपनी तिजोरियाँ भरने और मालपुए खाने में जनता को कितना पागल बना रहे हैं...