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कसम राम की खाते हैं, कोर्ट को धोखा देने वालों को सजा नहीं दिलवाएंगे

रामजन्मभूमि मंदिर के मुख्य द्धार को ध्यान से देखिए, निर्णय लीजिए क्या यह मस्जिद हो सकती है? आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में हुई खुदाई में मिले समस्त सबूत पेश किए जाएँ, और उन लोगों के विरुद्ध कोर्ट को धोखा देने के आरोप में दण्डित किया जाए। अयोध्या खुदाई में मन्दिर के इतने अधिक प्रमाण मिले थे, अगर उन्हें कोर्ट में पेश किया जाता, दुनियाँ की कोई अदालत अयोध्या में मस्जिद बनने की इजाजत नहीं देती। लेकिन मस्जिद मुद्दे पर मालपुए खाने वालों ने कोर्ट में केवल एक खम्बा बता कर, केवल कोर्ट ही नहीं समस्त देश को धोखा दिया है। बुद्धिजीवी मुसलमान अच्छी तरह से जानता है कि कुर्सी के भूखे नेताओं ने इस मुद्दे को उलझा रखा है। मुस्लिम पक्ष हर तरह से निराधार है, हिन्दू जयचन्दों की तरह ये लोग भी अपनी जेबें भर रहे हैं।  एक बात और, जब तत्कालीन प्रधानमन्त्री चंद्रशेखर ने वास्तविकता को स्वीकार कर और बातचीत स्तर से बाबरी पक्षकारों का भागना, प्रमाणित तथ्यों को अध्ययन कर जज को घर बुलाकर "इस मुद्दे पर तारीख नहीं फैसला चाहिए",  इतना निर्भीक निर्णय लेना वास्तव में ...

कारसेवा में दो बेटे गंवाने के बाद उनके माता-पिता भी पहुंचे थे बाबरी मस्जिद ढाहने

एक कार्यक्रम में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सम्मानित  करते कोठारी बंधुओं के वीर माता सुमित्रा देवी कोठारी को बाबरी मस्जिद गिराने की घटना को 25 साल बीत गये हैं. जब भी रामजन्म भूमि आन्दोलन की बात उठती है तो कोलकाता के कोठारी परिवार का नाम जरूर लिया जाता है. यह जानकर विस्मय होता है कि कारसेवा में अपने दो बेटे गंवाने के बाद उनके माता-पिता भी बाबरी मस्जिद ढाहने वाले कारसेवकों की सेवा कर रहे थे. आज ही के दिन इन बलिदानी कोठोरी बंधुओं की माता सुमित्रा देवी और पिता हीरालाल अपने बेटों के बलिदान को आगे बढ़ाते हुए 6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या पहुंच गये थे. जब अयोध्या की पवित्र श्री राम जन्मभूमि में कारसेवा हो रही थी तो कोठारी बन्धुओं के माता पिता भी वहां सक्रिय थे. आदि काल से हमारा भारत विदेशी ताकतों से लड़ता रहा है. मुगल हो या फिर ब्रिटिश शासन भारत और हमारे वीर हिंदुओं ने बहादुरी के साथ रहते हुये भारत मां और हिंदू धर्म की रक्षा की है. इसके लिये कितनों ने अपना बलिदान तक दे दिया है. कोलकाता से भी भारत मां के दो राम भक्त कार सेवक संतानों ने राममंदिर आंदोलन में अपनी शहादत दी है. उनके बलिदान...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)