नेहरू के केन्द्रीय मंत्रिमण्डल से त्यागपत्र देकर बिना परमिट के जम्मू-कश्मीर कूच करते डॉ श्यामा प्रसाद मुख़र्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सम्पर्क प्रमुख तथा पूर्व में जम्मू-कश्मीर के प्रांत प्रचारक रहे अरुण कुमार ने एक वार्ता में कहा कि जम्मू-कश्मीर में सूचनाओं, जानकारियों का विकृतिकरण हुआ है और देश मे जम्मू-कश्मीर के बारे में जानकारियों का अभाव है। इसलिये जटिल समस्याओं में से एक कश्मीर की समस्याओं का निदान नही हो पाया। इसलिये जम्मू-कश्मीर को लेकर कुछ ठीक करना है तो सबसे पहले जम्मू-कश्मीर को लेकर एकेडमिक काम करने की आवश्यकता है जिस पर कार्य करना चाहिये। वह दीन दयाल शोध संस्थान में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतत्व पर आधारित पुस्तक “डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी और कश्मीर समस्या” के लोकार्पण के अवसर पर अपने विचार व्यंक्त कर रहे थे। इस दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय के इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋतु कोहली द्वारा लिखित इस पुस्तक को प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया। ब्रिटेन व अमेरिका चाहते थे कश्मीर का पाक में...