भाजपा के प्रमुख बड़े नेताओं में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सबसे पहले आते है। कश्मीर में धारा 370 को खत्म करने या उस पर बहस के मुद्दे का इस्तेमाल भाजपा तत्कालीन भारतीय जनसंघ के समय से चुनावी वादे के रूप में करती रही है। यही धारा है जो घाटी को भारत का हिस्सा होते हुए भी कुछ अतिरिक्त अधिकार देती है। इस पर सबसे पहली चोट डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। उन्होंने उस समय कश्मीर में दो प्रधानमंत्री का विरोध किया। जम्मू-कश्मीर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने धारा 370 का विरोध शुरू किया। उन्होंने एक देश में दो विधान, एक देश में दो निशान, एक देश में दो प्रधान- नहीं चलेंगे नहीं चलेंगे जैसे नारे दिए। डाॅ. मुखर्जी सिर्फ 33 साल की उम्र में कुलपति बन गए थे. ये रिकॉर्ड आज तक कायम है । डॉ. मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई, 1901 को एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनकी माता का नाम जोगमाया देवी मुखर्जी था और पिता आशुतोष मुखर्जी बंगाल के एक जाने-माने व्यक्ति और कुशल वकील थे। डॉ. मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्रथम श्रेणी में 1921 में प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने 1923 में एम.ए...