अमर उजाला में छपी ये रिपोर्ट पढकर आप दंग रह जायेंगे क्योंकि अभी कुछ दिन पहले ही जब इसकी मौत हुई थी तो पूरे देश ने इसे शहीद का दर्जा देकर सलामी दी थी। कुख्यात शूटर मुनीर के हाथों मारे गए राष्ट्रीय जांच एजेंसी के डिप्टी एसपी तंजील अहमद एनआईए का खोल ओढ़कर अंडरवर्ल्ड को ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस कस्टडी में आए मुनीर से पूछताछ में तंजील अहमद के कारनामे प्याज के छिलकों की तरह उधड़ने लगे हैं। पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि मुनीर ने बताया है कि दिल्ली में बैंक की कैश वैन से 1.5 करोड़ रुपये और धामपुर बैंक से 91 लाख रुपये की लूट में से 1.12 करोड़ रुपये उसने तंजील को दिए थे। बदले में डीएसपी तंजील गैंग को अत्याधुनिक हथियार और वारदात के बाद बचकर भागने के लिए सुरक्षित कवर मुहैया कराते थे। गौरतलब है कि बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र में सहसपुर निवासी एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद की दो अप्रैल को आधी रात सहसपुर के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें आटोमैटिक हथियारों से 20 गोलियां मारी थीं। एनआईए के डिप्टी एसपी की हत्या से पूरा देश हिल गया था। शुरू मे...