‘राख’ पहली नहीं: ‘तांडव’ में हिंदू देवताओं का मजाक, ‘दहाड़’ में लव जिहाद पर पर्दा, ‘पाताल लोक’ में हिंदू-सिखों की नकारात्मक छवि; लंबी है Prime Video के वैचारिक एजेंडे की कहानी
OTT में हिंदुओं को खलनायक दिखाने का चलन (फोटो साभार:अमेजन प्राइम/इंडियन एक्सप्रेस) हाल के वर्षों में अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) और कई अन्य OTT प्लेटफॉर्म लगातार रचनात्मक स्वतंत्रता (creative liberty) की आड़ में भारतीय कहानियों में हिंदू-विरोधी और विभाजनकारी रंग भरते रहे हैं। बॉलीवुड की उस पुरानी प्रवृत्ति को आगे बढ़ाते हुए जिसमें तिलक लगाने वाले, धार्मिक और ऊँची जाति के हिंदुओं को अक्सर खलनायक दिखाया जाता है, कई OTT शो वास्तविक घटनाओं को अलग नजरिए से पेश करते हैं। OTT शोज भी वास्तविक घटनाओं को दलित पीड़ितता, मुस्लिमों की अच्छाई और हिंदुओं के उपहास वाले विकृत नजरिए से पेश करते हैं। Amazon Prime Video की नई ओरिजिनल सीरीज ‘राख’ (Raakh) को लेकर भी विरोध हो रहा है। इस पर 1978 के गीता और संजय चोपड़ा अपहरण व हत्या मामले जिसे रंगा-बिल्ला केस के नाम से जाना जाता है में झूठी जातिगत उत्पीड़न की कहानी जोड़ने का आरोप है। प्रमुख किरदारों की जाति और धर्म बदले गए, ऊँची जाति के हिंदुओं की जगह दलित और मुस्लिम, असली सिख रंगा-बिल्ला को हि...