मोदी सरकार के सत्ता में आने से पूर्व ही हर बैंक ने अपने समस्त खातेधारियों से आधार एवं पेनकार्ड KYC के अंतगर्त जमा करवा लिए गए थे, परन्तु मोदी सरकार के आने के बाद से आधार एवं पेनकार्ड का ऐसा ड्रामा खिल रहा है,पूछो नहीं। बिना आधार एवं पेनकार्ड से कोई बैंक जब कोई नया खाता नहीं खोल सकता, फिर किस आधार पर आज बैंक अपने खाताधारियों से आधार एवं पेनकार्ड मांग रहा है? या यूँ कहा जाए कि अच्छे दिनों के सब्जबाग दिखा कर जनता को परेशान किया जा रहा है? यूनियन बैंक चावड़ी बाजार शाखा अपने ग्राहकों से आधार एवं पेनकार्ड मांग रहा है। जब बैंक अधिकारी से पूछा “जब KYC में ये सब जमा करवाया था, फिर क्यों माँगा जा रहा है?” जवाब मिला : “सरकार से पूछो।” प्रश्न यह है कि KYC में जो ये सब जानकारियाँ दी गयीं थीं, कहाँ गयीं? या जब सरकार का आदेश आया कि आधार कार्ड को खाते से जोड़ें, बैंक ने कहा “कौन धूल-मिट्टी में पड़े रिकॉर्ड को निकाले, सरकार पर इल्ज़ाम ठोको ग्राहकों से पुनः देने का नोटिस लगा दो। जनता देगी अपने आप।” आपातकाल का अगर बिना किसी राजनीतिक द्धेष के अवलोकन किया जाए, जनहित में बहुत लाभकारी थी, लेकिन बदनाम हो गयी...