प्रतीकात्मक चित्र पिछले महीने यानि अगस्त में उत्तर प्रदेश के संभल से एक ऐसा मामला सामने आया था जो इंसानियत को शर्मसार करने वाला था। यहां एक मुस्लिम महिला को पहले उसके सुसराल पक्ष ने घर से बाहर निकाल दिया था और बाद में जब महिला ने पुलिस में मामला दर्ज कराया तो फिर समझौता हो गया था। 24 दिसंबर 2016 को समझौते के बाद महिला अपने ससुराल चले गई जहां उसके शौहर नूर, ससुर शोएब तथा उसके पति के मामा शन्नू ने दोबारा निकाह करने के लिए ससुर से हलाला की शर्त रखी थी। इसके बाद महिला का उसके सुसर द्वारा हलाला किया गया जिसके बाद पति ने भी उसका रेप किया और वो गर्भवती हो गई। पति को जब इस बाद का पता चला कि महिला गर्भवती है तो उसने अपने साथ रखने से इंकार कर दिया तो महिला मायके आकर रहने लगी जहां उसने ने एक बेटे को जन्म दिया। अब प्रश्न यह उत्पन्न होता है, कि क्या हलाला के नाम पर बलात्कार की इजाजत किसने दी? इस गम्भीर मुद्दे पर मुस्लिम पर्सनल बोर्ड, मुस्लिम उलेमाओं और बुद्धिजीवियों को खुलकर सामने आना चाहिए। क्योकि यहाँ हलाला के नाम पर महिला का बलात्कार कर हलाला को कलंकित कर दिया। ...