लाल किले की प्राचीर से प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के श्रीमुख से भाजपा शासित राज्यों में बलात्कारियों को फांसी दिए जाने की बात सुनकर अच्छा जरूर लगा, लेकिन समाचारों की नगरी में जाने पर जो पढ़ने एवं सुनने को मिलने पर स्वतन्त्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर ऐसे शब्द सुनकर आभास हो रहा है, कि कानून का डण्डा केवल आम जनता के लिए है, भाजपाइयों के लिए नहीं। इन्हे सजा कब होगी? अन्य पार्टियों और भाजपा में क्या अन्तर रह गया? विपक्ष में रहते, भाजपियों ने न जाने कितनी मायावतियों को बलात्कारियों से चुंगल से बचाया था। लेकिन सत्तारूढ़ होने पर वही भाजपाई बलात्कारी बन रही है। क्या सत्ता के नशे में ये बलात्कारी नेता अपने संस्कार भूल गयी है? क्यों नहीं ऐसे बलात्कारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाता? भाजपा नेता बलात्कारी क्यों हो रहे हैं? असम पुलिस ने नगांव जिले में 24 साल की एक महिला का कथित रूप से बलात्कार और उसे धमकाने के संबंध में रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन के खिलाफ मामला दर्ज किया है| गोहेन के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) संजीव गोस्वामी ने संपर्क किये जाने पर बताया कि मंत्री ने भी महिला औ...