राहुल गांधी, केजरीवाल और सारी विपक्षी पार्टियाँ सेना के जवान की खुदकूसी के मामले में मोदी सरकार पर दोष डाल रही हैं, सबसे बड़ी बात ये है कि जो कोंग्रेस आज़ादी से आज तक सैनिकों की OROP की माँग पूरी नहीं कर पायी उसके युवराज भी चुनावी दंगल में रोटियाँ सेंकने आ गये हैं। ग़ौरतलब है कि पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल खुदकुशी मामले पर दिल्ली में सियासी संग्राम जारी है। कहा जा रहा है कि वन रैंक वन पेशन की मांग को लेकर रामकिशन ग्रेवाल की ने जंतर मंतर पर बुधवार को खुदकुशी कर ली थी। यहाँ ये भी बता दें कि केवल कुछ दिन पहले ही राहुल गांधी ने OROP का मुद्दा एक बार फिर से उठाया था और उनके काफ़ी दिन बाद अचानक ये मुद्दा उठाने के तुरंत बाद ये आत्महत्या अपने आप में काफ़ी सवाल पैदा करती है ? क्या ये उत्तर प्रदेश चुनावों को देखते हुए कोंग्रेस और PK की सोची समझती रणनीति है । बता दें कि 29 अक्टूबर यानी दिवाली से एक दिन पहले राहुल गांधी ने OROP को लेकर बयान दिया था कि सरकार उसको सही तरीक़े से इम्प्लमेंट करे नीचे द हिंदू की उस ख़बर का स्क्रीन्शाट देख लीजिए । देख लिया आपने कि OROP को लेकर राहुल ...