किसी भी बच्चे के भविष्य की माँ-बाप के बाद शिक्षक की होती है। लेकिन जब शिक्षक ही शिक्षा में अज्ञान होगा, बच्चों का भविष्य क्या सुधारेगा? सोशल मीडिया पर एक लंबे समय से बिहार और उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के अल्पज्ञान के समाचार पढ़ने में आ रहे हैं, परन्तु प्रदेश से लेकर केन्द्र सरकारें चुप्पी साधे हुए हैं, जो बहुत ही चिंता का विषय है। वैसे कई उच्च अधिकारियों द्धारा अचानक स्कूलों का निरीक्षण करने के वीडियोस भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। पता नहीं, अध्यापकों की मंद बुद्धि, दिनों एवं महीने के नाम गलत लिखने पर क्या कार्यवाही की या मुद्दे को दबा दिया गया। एक नमूना अध्यापिका का university के स्पेलिंग देखिये Worked at Nagar Nigam Prathmik Sehshiksha Vidyalaya, Sarvapriya Vihar Studied at gkp univercity ये है लखनऊ की पत्रकार biyuro chiph luckmow at All Press & Writers Association India- APWA Went to Gic Lives in Lucknow, India केन्द्रीय सरकार प्रदेश का मुद्दा होने के का...