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क्या स्वयं मूत्र पद्धति का वेदों में उल्लेख है?

स्वयं का मूत्र पीकर स्वस्थ  आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  अपने आपको फिट रखने के लिए लोग जिम में खूब पसीना बहाते हैं। घंटों वर्कआउट करते हैं। इसके साथ ही वह अपने खाने-पीने का भी खासा ध्यान रखते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे बताने जा रहे हैं जिसने खुद को फिट रखने के लिए कुछ अलग ही तरीका खोज निकाला है। ब्रिटेन के रहने वाले डेव मर्फी (Dave Murphy) पिछले छह सालों से खुद को फिट रखने के लिए कुछ ऐसा कर रहे हैं जिसके बारे में हम और आप कल्पना भी नहीं कर सकते। दरअसल, डेव मर्फी अपना यूरिन पी रहे हैं और ऐसा वो पिछले छह सालों से लगातार कर रहे हैं। मर्फी का कहना है कि इससे उनकी लाइफ स्टाइल काफी हेल्थी हो गई है। पहले वो कई चीजों से परेशान रहते थे। उन्हें अस्थमा के साथ-साथ और भी कई बीमारियों ने अपने शिकंजे में जकड़ रखा था। लेकिन जब से उन्होंने यूरिन पीना शुरू किया तब से उनकी सेहत में जबरदस्त सुधार आया है। डेव मर्फी के इस कारनामे के बारे में जानकार ज्यादातर लोग हैरान हैं। मर्फी बताते हैं कि यूरिन पीने से उनका वजन 50 किलो कम हो गया है। साथ ही उनकी उम्र इतनी होने के बावजूद भी...

हिन्दू गाय को गो-माता क्यों मानते हैं? क्योंकि .....

हिंदू धर्म में गाय को क्यों इतना उचित स्थान क्यूँ दिया गया है। अमेरिका ने एक शोध कर गाय की महत्ता पर प्रकाश डाला है l _अमेरिका के कृषि विभाग द्वारा प्रकाशित हुई पुस्तक_ _ THE COW IS A WONDERFUL LABORATORY_ *THE COW IS A WONDERFUL LABORATORY* ” के अनुसार प्रकृति ने समस्त जीव-जंतुओं और सभी दुग्धधारी जीवों में केवल गाय ही है जिसे ईश्वर ने 180 फुट (2160 इंच ) लम्बी आंत दी है जो की एनी पशुओ में ऐसा नहीं है जिसके कारण गाय जो भी खाती-पीती है वह अंतिम छोर तक जाता है | *लाभ* :- जिस प्रकार दूध से मक्खन निकालने वाली मशीन में जितनी अधिक गरारियां लगायी जाती है उससे उतना ही वसा रहित मक्खन निकलता है , इसीलिये गाय का दूध सर्वोत्तम है | * गौ वात्सल्य* :- गौ माता बच्चा जनने के 18 घंटे तक अपने बच्चे के साथ रहती है और उसे चाटती है इसीलिए वह लाखो बच्चों में भी वह अपने वच्चे को पहचान लेती है जवकि भैंस और जरसी अपने बच्चे को नहीं पहचान पायेगी | गाय जब तक अपने बच्चे को अपना दूध नहीं पिलाएगी तब तक दूध नहीं देती है , जबकि भैस , जर्सी होलिस्टयन के आगे चारा डालो और दूध दुह लो | *देसी गाय ...

देशभर में फैल रहा है गोमूत्र प्रबंधन का कारोबार, 30 दवाएं तैयार करने का दावा

बुलंदशहर। गायों के संरक्षण को लेकर मोदी सरकार द्वारा चलाई गई मुहिम असर दिखाने लगी है। इसका प्रमाण उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की एक गौशाला में देखने को मिला है। यहाँ पर गायों के सरक्षण के साथ-साथ गौमूत्र की एक-एक बूंद बचाने का कार्य चल रहा है। विशेषज्ञों की माने तो गाय के दूध से ज्यादा इन दिनों गोमूत्र महंगा हो गया है। इस गोशाला में गोमूत्र इकट्ठा करने का काम देखने वाली सुशीला बताती है कि गाय का दूध अमूमन 60 रुपये किलो बिकता है, वहीं गोमूत्र 160 रुपये के 200 मिली. बिकता है। आयुर्वेद की जानकारों की माने तो गोमूत्र की बीमारों का अचूक दवा है। इसका सेवन से सर्वप्रथम मोटापा कम हो जाता है, और डायबिटीज के मरीजों को बल्ड सूगर कम करने में लाभदायक है। गोमूत्र को लेकर बढ़ते क्रेज का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि इन दिनों युवा वर्गों में बड़ी-बड़ी सैलरी वाली नौकरियाँ छोड़कर गौशाला खोलने की होड़ लग गई है। गुजरात की जूनागढ़ ऐग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने गिर नस्ल की गायों के गोमूत्र में सोना पाए जाने की बात कही थी। उनका कहना है कि करीब 400 नमूनों का अध्ययन कर यह परि...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)