लखनऊ पासपोर्ट ऑफिस में अपने साथ भेदभाव की शिकायत करके हंगामा मचाने वाली सादिया सिद्धिकी उर्फ तन्वी सेठ के मामले का सच सामने आ चुका है। यह बात जाहिर हो चुकी है कि अपनी पहचान छिपाने के मकसद से ही उन्होंने पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्र को टारगेट किया। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि अपना धर्म छोड़कर मुसलमान बनने के बाद सादिया उर्फ तन्वी की ऐसी क्या मजबूरी थी कि वो अपनी मुस्लिम पहचान अपने साथ नहीं रखना चाहती थीं? दरअसल इसी के जवाब में लव जिहाद की इस्लामी साजिश का पूरा सच छिपा हुआ है। दरअसल तन्वी सेठ का केस उन तमाम गैर-मुस्लिम लड़कियों के लिए एक सबक है जो प्यार-मोहब्बत के भुलावे में आकर ऐसे मोड़ पर पहुंच जाती हैं, जहां से उनके लिए न तो आगे का रास्ता होता है और न ही पीछे जाने की कोई राह। हिंदू पहचान, लेकिन मज़हब इस्लाम! नोएडा में रहने वाली तन्वी की एक दोस्त ने अपनी पहचान छिपाते हुए इस बारे में कुछ अहम जानकारियां दीं। उनके मुताबिक “आईटी सेक्टर में काम करने वाले अनस सिद्धिकी और मुसलमान बन चुकी तन्वी सेठ करियर में ग्रोथ के लिए अब विदेश जाने की सोच रहे थे, लेकिन अब पासपोर्ट आड़े आ रहा ...