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अब्बू ही कर रहा था बेटी का बलात्कार

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  खुद को दलित प्रेमी बताने वाली  मीडिया ने  इस खबर को भी दबा दिया  है। अख़लाक़, कठुआ और उन्नाव आदि पर छाती पीटने वाले, मीडिया पर चौपालें लगाने वाले क्यों खामोश हैं? मायावती के ही उत्तर प्रदेश की घटना है, भीम सेना भी खामोश है, और तमाम तरह के दलित चिन्तक, दलित प्रेमी लोग इस खबर पर चुप है, सब को साँप सूंघ गया है। दलित युवक को घर से खींचकर उसकी हत्या कर दी गयी है, पर इस मामले पर हर दलित एक्टिविस्ट चुप है, मीडिया भी खामोश है, और खबर को दबाने में भी लगी है, और इसका कारण क्या है ये हम आपको अभी बता देते हैं।  View image on Twitter VikasSaraswat ✔ @VikasSaraswat A scheduled caste young man beaten to death in Uttar Pradesh. Accused Parvez, Rehan and Yusuf on the run. Police has registered a case and looking out for perpetrators. 9:22 AM - Apr 25, 2018 85 147 people are talking about this जिस व्यक्ति की आप ऊपर रपट देख रहे है इसका नाम है विद्याराम, ये एक दलित युवक है उत्तर प्रदेश के फिरो...

क्या सीपीएम की पोलित ब्यूरो में दलितों का प्रवेश मना है?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  वामपंथी किस तरह दलित और महिला उत्पीड़न से संसद के दोनों सदनों और सडकों पर मोदी सरकार को बदनाम करने शोर-शराबा करते नज़र आते हैं और वास्तविकता से कोसों मील दूर दलित और उनके समर्थक ताल से ताल मिलाते नज़र आते हैं। लेकिन दलित और महिला उत्पीड़न का नंगा नाच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी में देखने को मिला। एक से बढ़कर एक बुद्धिजीवी दलित और महिलाएँ इस पार्टी में विराजमान हैं, लेकिन दलित और महिला उत्पीड़न का स्वांग कर जनता को भ्रमित करने का प्रमाण देखिए।    दलितों, मजदूरों और शोषितों की  बात करने वाली मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीएम ने एक बार फिर से अपनी सर्वोच्च संस्था पोलित ब्यूरो में दलितों की एंट्री बंद रखी है। 17 सदस्यों की पोलित ब्यूरो में एक भी दलित नेता को जगह नहीं दी गई है। सीपीएम ने अपने पूरे इतिहास में कभी पोलित ब्यूरो के दरवाजे किसी दलित के लिए नहीं खोले। इस बार उस पर भारी दबाव था कि इसमें किसी दलित को भी मौका दिया जाए, लेकिन इस बार भी उन्हें अछूत का दर्जा ही दिया गया। यह स्थिति तब है जब पार्टी के अंदर कई ...

इस्लाम नगर लिखने वालों पर ठोका 5 लाख रूपए का जुर्माना

आर,बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  भारत में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में गली-कूचों के इस्लामिक नाम रखने का जो षड्यंत्र चल रहा था, उस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ के साहसिक निर्णय ने जो कुठाराघात किया है, अमरोहा के गौतम नगर के मुस्लिमों में जबरदस्त दहशत फ़ैल गयी है, गौतम नगर को इस्लाम नगर लिखने और कहने वाले छुपे-छुपे भाग रहे हैं। पिछली सरकार जो तुष्टिकरण को माई-बाप मान कोई कार्यवाही नहीं कर रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी द्वारा दुकानों या मकानों पर इस्लाम नगर लिखवा लिया था, उन पर 5-5 लाख रूपए जुर्माना वसूलने के आदेश देते ही, दिन-रात इस्लाम नगर पर रोगन मल बचने का प्रयास कर रहे हैं। और जिन नेताओं अथवा पार्टी के निर्देश या संरक्षण में यह घिनौना काम चल रहा था, कोई सामने नहीं आ रहा, पता नहीं किस कोप भवन में छुप गए। और मुसलमानों को तुष्टिकरण की आग में झोंक दिया। अभी भी समय है, मुस्लिम समाज ऑंखें खोले और अपने आपको दंगे की राजनीति से दूर रखें। क्योकि कोई भी इन्सान, धर्म अथवा जाति कुछ भी हो, अकेले दम पर किसी जगह का नाम बदलने का साहस नहीं कर सकता। ...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)